रिश्वत लेते चौकीदार रंगे हाथ गिरफ्तार
-शिकायत के बाद निगरानी विभाग ने बिछाया था जाल
भारत पोस्ट संवाददाता
गयाजी। गयाजी जिले के बेलागंज थाना क्षेत्र में निगरानी विभाग ने भ्रष्टाचार के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की है। निगरानी ने चौकीदार को रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया है। गिरफ्तारी के बाद इलाके में सनसनी फैल गई है। आरोपी की पहचान मनीष कुमार के रूप में हुई है।
जानकारी के अनुसार कांड संख्या 689/23 से जुड़े एक मामले में पैसे की मांग और लेन.देन की शिकायत निगरानी विभाग को मिली थी। शिकायत मिलने के बाद विभाग ने पहले मामले का सत्यापन कराया। आरोप सही पाए जाने के बाद टीम ने योजनाबद्ध तरीके से जाल बिछाकर कार्रवाई की।
निगरानी विभाग की टीम ने बेलागंज थाना के समीप स्थित अस्पताल परिसर में कार्रवाई करते हुए चौकीदार मनीष कुमार को ₹9000 रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ पकड़ लिया। जैसे ही रिश्वत की रकम का लेन.देन हुआ, टीम ने तत्काल आरोपी को गिरफ्तार कर लिया।
निगरानी विभाग के डीएसपी समीर चंद्र झा ने बताया कि बेलागंज थाना कांड संख्या 689/23ए जो एक जमीन विवाद से संबंधित है. इस मामला में परिवादी रविंद्र यादव के पुत्र का नाम केस से हटाने के एवज में कुल 12 हजार रुपये रिश्वत मांगी गई थी। आरोप है कि 3 हजार रुपये पहले ही लिए जा चुके थे, जबकि शेष 9 हजार रुपये की मांग की जा रही थी।
डीएसपी ने बताया कि जांच में सामने आया है कि मामले के अनुसंधानकर्ता एएसआई अशोक कुमार के कहने पर चौकीदार पैसे ले रहा था। फिलहाल गिरफ्तार आरोपी को पटना ले जाया गया है तथा पूरे मामले की गहन जांच जारी है। दोषी पाए जाने वाले अन्य लोगों पर भी कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी। कार्रवाई की खबर फैलते ही थाना परिसर और आसपास के इलाके में लोगों की भीड़ जुट गई। स्थानीय लोगों के बीच मामले को लेकर तरह.तरह की चर्चाएं होने लगीं। अचानक हुई इस कार्रवाई से सरकारी कर्मियों में भी हलचल देखी गई।
गिरफ्तारी के बाद निगरानी विभाग की टीम आरोपी चौकीदार को अपने साथ लेकर चली गई। विभागीय अधिकारी अब उससे पूछताछ कर मामले के अन्य पहलुओं की भी जांच कर रहे हैं। यह पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है कि रिश्वतखोरी के इस मामले में कोई अन्य व्यक्ति भी शामिल है या नहीं।
निगरानी विभाग के अधिकारियों ने बताया कि मामले में आगे की जांच जारी है और नियमानुसार कानूनी कार्रवाई की जा रही है। अधिकारियों का कहना है कि भ्रष्टाचार के मामलों में किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा और शिकायत मिलने पर इसी तरह सख्त कार्रवाई जारी रहेगी। बेलागंज में हुई इस कार्रवाई को भ्रष्टाचार के खिलाफ बड़ी सफलता माना जा रहा है।




