टीएमसी के बागी सांसदों में बड़े सितारे भी शामिल

-आर.पार के मूड में काकोली घोष

-बागी सांसदों में कई जीते हैं पहली बार
विशेष संवाददाता
कोलकाता। ममता बनर्जी की अगुवाई वाली तृणमूल कांग्रेस के 19 बागी सांसदों के नाम सामने आ गए हैं। इस सूची में यूसुफ पठान, सायोनी घोष, शत्रुघ्न सिन्हा के नाम है। गौरतलब हो की काकोली घोष दस्तीदार की अगुवाई में टीएमसी के सांसदों ने अलग गुट बनाया है। टीएमसी के बागी सांसदों ने पत्र लिखकर लोकसभा के स्पीकर ओम बिरला से अलग गुट को मान्यता देने का आग्रह किया है। एक दिन पहले मंगलवार को ममता बनर्जी के खेमे से कल्याण बनर्जी और कीर्ति आजाद ने दावा किया था कि बागी गुट के पास 19 का संख्याबल नहीं है। टीएमसी के पास कुल 28 सांसद हैं। ऐसे में अलग गुट के दो.तिहाई संख्या जरूरी है।
टीएमसी के बागी खेमे की अगुवाई कर रही काकोली घोष ने अलग गुट बनाने के बाद अपने तेवर दिखाए थे। उन्होंने कहा था कि चाहे सिट कट जाए लेकिन वह अब नहीं झुकेंगी। उन्होंने कहा था कि अब बहुत हो गया। बागियों में टीएमसी की लोकसभा में डिप्टी लीडर शताब्दी रॉय भी हैं। उन्होंने भी कहा था कि ममता दीदी बदल गई थीं। उन्होंने इससे पहले कहा था कि मैं खुद एक स्टार थी। मुझे टीएमसी ने नहीं बनाया।
बागी सांसदों की सूची में टीएमसी के कई ऐसे नेता भी हैं जो पहली बार सांसद बने हैं। इनमें रचना बनर्जी, सायोनी घोष और गुजरात के वडोदरा से आने वाले पूर्व क्रिकेटर यूसुफ पठान का नाम प्रमुख है। शत्रुघ्न सिन्हा आसनसोल से सांसद हैं। बागी सांसदों के खेमे ने 20 सांसदों के समर्थन का दावा किया था। टीएमसी में टूट की पुष्टि बाद हुई थी जब बीजेपी नेता और केंद्रीय मंत्री भूपेंद्र यादव के घर पर बागी सांसद मिले थे। बाद में टीएमसी की सांसद और अभिनेत्री शताब्दी रॉय के दिल्ली स्थित आवास पर टीएमसी के एमपी पहुंचे थे। टीएमसी में टूट इंडिया ब्लॉक की मीटिंग वाले दिन हुई थी। टीएमसी में टूट के बाद ममता बनर्जी और उनके भतीजे अभिषेक बनर्जी ने कांग्रेस नेतृत्व के साथ अपनी नजदीकी बढ़ाई है।
लोकसभा में तृणमूल कांग्रेस के 28 सांसद हैं। बशीरहाट के एमपी हाजी नूरुल इस्लाम की मौत के बाद एक सीट खाली है। ममता बनर्जी की पार्टी ने 2024 लोकसभा चुनाव में 29 सीटें जीती थीं। बागी सांसदों ने तुरंत टीएमसी से इस्तीफा देने या ऑफिशियली बीजेपी में शामिल होने का फैसला नहीं किया है। इसके बजाय ये सभी एनडीए को समर्थन देने हुए एक अलग गुट बना रहे हैंए ताकि उनके ऊपर एंटी.डिफेक्शन लॉ के तहत डिसक्वालिफिकेशन ;अयोग्यताद्ध की कार्रवाई न हो सके। इस 19 सांसदों के समर्थन से लोकसभा में पीएम मोदी की अगुवाई वाली एनडीए सरकार को संख्याबल 300 के पार चला जाएगा।

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