देश के प्रमुख ठिकानों पर ड्रोन अटैक की आशंका

-देशभर में एंटी ड्रोन सिस्टम लगाने में जुटी सुरक्षा एजेंसियां

-एंटी ड्रोन सिस्टम को जांचने के लिए बीएसएफ ने बनाई टीम
भारत पोस्ट संवाददाता
नई दिल्ली। केंद्र सरकार ने चेतावनी दी है कि सीमाओं पर मौजूद महत्वपूर्ण ठिकानों पर दुश्मन ड्रोन हमला कर सकता है। खबर के मुताबिक जहाज और जलमार्ग मंत्रालय के समुद्री सुरक्षा विंग ने जमीन और समुद्री सीमाओं के पास मौजूद महत्वपूर्ण संपत्तियों और ठिकानों पर ड्रोन अटैक को लेकर अलर्ट जारी किया है। इस चेतावनी के बाद सुरक्षा एजेंसियां देशभर के खास ठिकानों को सुरक्षित रखने के लिए एंटी ड्रोन सिस्टम लगाने में जुट गई हैं।
गृह मंत्रालय ने भी सीमा सुरक्षा बल के तहत एक खास कमेटी बनाई है। इस कमेटी का काम भारत के लिए सबसे अच्छे एंटी.ड्रोन सिस्टम को जांचना और पास करना है। सूत्रों ने बताया कि बीएसएफ पाकिस्तान सीमा से सटे पंजाब के इलाकों में इन सिस्टमों को लगाने की तैयारी कर रही है, और इसके लिए बाकायदा ट्रायल भी शुरू हो चुके हैं। इसके साथ ही केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल ने भी एक टीम बनाई है। इस टीम में रक्षा अनुसंधान संगठन इंटेलिजेंस ब्यूरो एयरपोर्ट अथॉरिटी और बीएसएफ के अधिकारी शामिल हैं, जो देश के महत्वपूर्ण ठिकानों का दौरा कर रहे हैं।
तमिलनाडु के थूथुकुडी में वी.ओ.  चिदंबरनार पोर्ट मौजूद है। पोर्ट की सिक्योरिटी के लिए फरवरी 2026 में यहां एडवांस एंटी.ड्रोन सिस्टम लगाया गया। ऐसा सिस्टम अपनाने वाला यह देश का पहला पोर्ट है। इसके लिए बंदरगाह ने सरकारी कंपनी श्सेंट्रल इलेक्ट्रॉनिक्स लिमिटेड. के साथ एक समझौता किया है।
इस प्रोजेक्ट के तहत रेडियो फ्रीक्वेंसी और रडार पर आधारित एक ऐसा सिस्टम लगाया जा रहा हैए जो न सिर्फ दुश्मन के ड्रोन को पहचान लेगा, बल्कि उसे जाम भी कर देगा। यह सिस्टम बंदरगाह के माहौल के हिसाब से तैयार किया गया है जो चारों तरफ यानी 360 डिग्री नजर रखेगा। यह कदम देश की हवाई सुरक्षा को मजबूत करने के लिए सरकार के श्अमृत काल विजन 2047. और श्मैरीटाइम इंडिया विजन 2030. के लक्ष्यों के तहत उठाया गया है।
सुदर्शन मिसाइल सिस्टम के जरिए लगभग 300 किलोमीटर दूर उड़ रहे एक हाई.वैल्यू एयरक्राफ्ट को भी मार गिराया गया था। इसके अलावा, राफेल और सुखोई.30 ने पाकिस्तानी सेफ सेंटर ;हैंगर. को निशाना बनाया, जिसमें चीन में बने विंग लूंग ड्रोन तबाह हुए थे।

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