छात्रों के विरोध के बाद सुरेंद्रनाथ कॉलेज के वाइस प्रिंसिपल का इस्तीफा, गंगाजल से किया गया परिसर का शुद्धिकरण
कोलकाता: छात्रों के भारी विरोध और लगातार बढ़ते हंगामे के बीच सुरेंद्रनाथ कॉलेज के वाइस प्रिंसिपल को अपने पद से इस्तीफा देना पड़ा। हालांकि, कॉलेज परिसर से बाहर निकलते समय वाइस प्रिंसिपल ने दावा किया कि उन्होंने अपनी इच्छा से इस्तीफा नहीं दिया, बल्कि उन पर दबाव बनाकर इस्तीफा लिया गया है। उनके इस्तीफे की खबर सामने आते ही कॉलेज के बाहर बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं जश्न मनाते नजर आए।इसके बाद कुछ विद्यार्थियों ने कॉलेज परिसर में गंगाजल का छिड़काव किया और धूप-बत्ती जलाकर परिसर का कथित तौर पर शुद्धिकरण किया। इस दौरान छात्रों में काफी उत्साह देखा गया।
प्रदर्शन कर रहे छात्रों का आरोप है कि गवर्निंग बॉडी के नवनियुक्त अध्यक्ष कौस्तुभ बागची ने पहले ही एक प्रस्ताव तैयार किया था। इसमें प्रिंसिपल से कहा गया था कि सभी छात्रों को बिना किसी जुर्माने के परीक्षा में बैठने की अनुमति दी जाए। छात्रों का दावा है कि वाइस प्रिंसिपल ने इस प्रस्ताव को स्वीकार नहीं किया। अब उनके इस्तीफे के बाद छात्र परीक्षा में बैठने के मुद्दे पर सीधे गवर्निंग बॉडी के अध्यक्ष से बातचीत करेंगे।छात्रों ने आरोप लगाया है कि करीब 98 प्रतिशत विद्यार्थियों के नाम परीक्षा सूची से हटा दिए गए हैं। उनका कहना है कि वे नियमित रूप से कॉलेज आते थे, लेकिन उनकी उपस्थिति दर्ज नहीं की जाती थी। छात्रों के मुताबिक, अटेंडेंस के लिए कोई आधिकारिक रजिस्टर नहीं था और सादे कागज पर हाजिरी ली जाती थी। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि कॉलेज में नियमित रूप से कक्षाएं नहीं होती थीं।आंदोलनरत छात्रों ने वाइस प्रिंसिपल पर यह भी आरोप लगाया कि उन्हें कथित तौर पर तृणमूल छात्र परिषद (TMCP) की बैठकों में शामिल होने के लिए मजबूर किया जाता था और बैठकों में जाने के बाद ही उनकी अटेंडेंस पूरी की जाती थी।वहीं, वाइस प्रिंसिपल ने छात्रों के सभी आरोपों को खारिज किया है। उनका कहना है कि छात्र नियमित रूप से कॉलेज नहीं आते थे और इसी कारण उनकी अटेंडेंस दर्ज नहीं की गई। इस्तीफे के बाद कॉलेज परिसर में तनाव के साथ राजनीतिक सरगर्मी भी तेज हो गई है।



