आयुर्वेद ही नहीं, तमाम चिकित्सा सिद्धांतों में चरक सर्वश्रेष्ठ: डॉ. श्रीनिवास त्रिपाठी

राजकीय अयोध्या शिवकुमारी आयुर्वेद महाविद्यालय में मनाया गया चरक जयंती समारोह

 

नन्दकिशोर दास

बेगूसराय ब्यूरो। राजकीय अयोध्या शिवकुमारी आयुर्वेद महाविद्यालय में चरक जयंती समारोहपूर्वक मनाया गया। महाविद्यालय के प्राध्यापकों एवं छात्रों को संबोधित करते हुए प्राचार्य डॉक्टर श्रीनिवास त्रिपाठी ने कहा आयुर्वेद ही नहीं वरण विश्व की तमाम चिकित्सा सिद्धांतों में चरक चिकित्सा व्यवस्था को सर्वश्रेष्ठ माना गया है। चरक चिकित्सा शास्त्र का जिस भी चिकित्सक ने जितना अधिक अध्ययन किया, वह अपने जीवन में उतना अधिक सफल हुआ है। प्राचार्य ने कहा कि चरक संहिता संस्कृत में लिखी हुई है। आज भी इसका संपूर्ण अध्ययन अभी बांकी है। आज भी आयुर्वेद के मनीषियों के द्वारा इसका लगातार अध्ययन कर नई-नई खोज की जा रही है। उन्होंने छात्रों से कहा कि आप चरक संहिता का जितना अधिक अध्ययन करोगे, अपने जीवन में उतना अधिक सफल होगा। विश्व आयुर्वेद परिषद के नॉर्थ जोन के संयोजक डॉ मुन्ना कुमार ने कहा महर्षि चरक के सिद्धांतों का मनन कर कोई भी सफलता की सीढ़ी चढ़ सकता है। चरक जयंती के आयोजक एवं विश्व आयुर्वेद परिषद के पदाधिकारी प्राध्यापक डॉ संतोष कुमार सिंह ने कहा कि आधुनिक परिप्रेक्ष्य में महर्षि चरक की चिकित्सा पद्धति सर्वाधिक प्रभावकारी है।प्रोफेसर डॉक्टर भानु प्रताप राय ने कहा कि चरक की चिकित्सा पद्धति चिकित्सा का आधार है। समारोह को पंचकर्म प्रभारी प्रोफेसर डॉक्टर आनंद मिश्रा, प्रोफेसर डॉक्टर प्रमोद कुमार, स्त्री रोग विभाग के प्रभारी डॉ वीजेंद्र कुमार, डॉक्टर सत्येंद्र कुमार सिंह, डॉक्टर इंदु कुमारी, डॉ प्रदीप कुमार वर्मा, डॉक्टर शंभू कुमार, डॉ लाल कौशल कुमार, डॉक्टर नंद कुमार साहनी, डॉक्टर रामनंदन साहनी ने संबोधित किया। समारोह का संचालन करते हुए रस शास्त्र विभाग के डॉक्टर अनिल कुमार ने महर्षि चक्र के सिद्धांतों को चिकित्सा विज्ञान का मूल बताया।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button