आज से केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह गुरुवार शाम से असम के दो ओर बंगाल के एक दिवसीय महत्वपूर्ण दौरा

- दोनों राज्यों के लिए विधानसभा चुनाव को देखते हुए यह है काफी महत्वपूर्व

 

अजित प्रसाद / सिलीगुड़ी: केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह गुरुवार शाम से असम के दो ओर बंगाल के एक दिवसीय महत्वपूर्ण दौरे पर होंगे, जो एक महीने के भीतर राज्य की उनकी दूसरी यात्रा है। इस दौरान वे बुनियादी ढांचे, वन्यजीव संरक्षण और सांस्कृतिक मेल-जोल से जुड़ी कई परियोजनाओं का शुभारंभ करेंगे, जिसे आगामी विधानसभा चुनावों की तैयारियों से जोड़कर देखा जा रहा है।अमित शाह के इस दौरे का मुख्य केंद्र बिंदु डिब्रूगढ़ होगा, जहां वे असम विधानसभा के दूसरे परिसर की आधारशिला रखेंगे। मुख्यमंत्री हिमंत विश्व शर्मा के अनुसार गृह मंत्री गुरुवार शाम असम पहुंचेंगे और रात डिब्रूगढ़ में ही विश्राम करेंगे। अगले दिन, यानी 30 जनवरी को, विधानसभा परिसर का शिलान्यास किया जाएगा, जो राज्य की प्रशासनिक और विधायी क्षमता को बढ़ाने की दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है। गौरतलब है कि इससे पहले 29 दिसंबर को भी शाह ने असम का दौरा कर कई विकास परियोजनाओं की शुरुआत की थी।
वन्यजीव संरक्षण और पशु कल्याण के लिए नई पहल
बुनियादी ढांचे के साथ-साथ गृह मंत्री वन्यजीवों के संरक्षण के लिए भी एक बड़ी परियोजना की शुरुआत करेंगे। मुख्यमंत्री शर्मा ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर जानकारी दी कि शाह चबुआ में ‘वन्यजीव स्वास्थ्य एवं अनुसंधान संस्थान’ (Wildlife Health and Research Institute) की आधारशिला रखेंगे। यह संस्थान असम को पशु कल्याण में अग्रणी बनाने के लक्ष्य के साथ स्थापित किया जा रहा है। यह केंद्र न केवल उन्नत अनुसंधान और निदान प्रयासों को बढ़ावा देगा, बल्कि वन्यजीवों के लिए बेहतर नीतिगत हस्तक्षेप तैयार करने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।
राज्य के विभिन्न समुदायों के साथ सीधा संवाद स्थापित करना और उनकी सांस्कृतिक विरासत का सम्मान करना इस यात्रा का एक प्रमुख पहलू है, जो राज्य की विविधता और समावेशी विकास के संदेश को पुख्ता करता है।
शुक्रवार शाम को शाह असम भाजपा मुख्यालय का दौरा करेंगे, जहाँ वे राज्य के वरिष्ठ नेताओं के साथ असम की वर्तमान राजनीतिक स्थिति पर विस्तृत चर्चा करेंगे। असम की 126 सदस्यीय विधानसभा के लिए इस साल मार्च-अप्रैल में चुनाव होने की संभावना है, जिसे देखते हुए शाह की यह बैठक संगठनात्मक मजबूती और चुनावी रणनीति के लिहाज से अत्यंत महत्वपूर्ण मानी जा रही है। इन सभी कार्यक्रमों के बाद, गृह मंत्री शाह उसी दिन शाम सात बजे पश्चिम बंगाल के लिए रवाना हो जाएंगे।
असम में भाजपा का फोकस घुसपैठ रोकने, सीमा सुरक्षा और स्थानीय मुद्दों पर है, जिससे पार्टी को दोबारा सत्ता में वापसी का मजबूत आधार मिल रहा है। पार्टी का लक्ष्य 126 सदस्यीय विधानसभा में 100 से अधिक सीटें जीतना है, जहां वर्तमान में मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा के नेतृत्व में भाजपा की सरकार है। बैठक में संगठनात्मक मजबूती, बूथ स्तर पर कार्यकर्ताओं को सक्रिय करना, और घुसपैठ जैसे मुद्दों पर चर्चा होने की संभावना है। असम में भाजपा पहले से मजबूत स्थिति में है और 2021 के बाद अब दोबारा बड़ी जीत की तैयारी कर रही है।
30 जनवरी को शाह का पश्चिम बंगाल दौरा: इसके बाद शाह 30 जनवरी को देर शाम पश्चिम बंगाल पहुंचेंगे। यहां 30 और 31 जनवरी को वे विधानसभा चुनावों की तैयारियों की समीक्षा करेंगे। भाजपा के राज्य नेताओं, कोर ग्रुप और कार्यकर्ताओं के साथ कई स्तर की बैठकों का दौर चलेगा। मंथन में संगठन को मजबूत करने, बूथ मैनेजमेंट, प्रवासी रणनीतिकारों (अन्य राज्यों से बुलाए गए अनुभवी नेताओं) की भूमिका और तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) के खिलाफ आक्रामक रणनीति पर फोकस रहेगा।पश्चिम बंगाल में भाजपा का लक्ष्य 2026 में दो-तिहाई बहुमत से सरकार बनाना है। उन्होंने पहले ही दावा किया है कि 15 अप्रैल 2026 के बाद बंगाल में भाजपा सरकार बनेगी और राज्य की विरासत को पुनर्जीवित किया जाएगा।
31 को बागडोगरा में करेंगे भाजपा कार्यकर्ताओं को संबोधित :
भाजपा संगठन को नई ऊर्जा देने और जमीनी स्तर पर पार्टी को मज़बूत करने की दिशा में एक अहम कदम मानी जा रही है। अमित शाह की मौजूदगी से कार्यकर्ताओं में उत्साह बढ़ने की उम्मीद है और आगामी चुनावों के लिए संगठनात्मक तैयारी को गति मिलेगी।

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