स्कूलों में नामांकन में लापरवाही
औरंगाबाद के 54 हेडमास्टर का कटा वेतन
-261 स्कूलों के प्रधानाध्यापकों से मांगा गया स्पष्टीकरण
-पोर्टल पर दिखने वाली प्रगति से तय होगी जवाबदेही
भारत पोस्ट संवाददाता
औरंगाबाद। औरंगाबाद जिले के सरकारी प्राथमिक विद्यालयों में कक्षा.एक के छात्रों के नामांकन और उसकी ई.शिक्षाकोष पोर्टल पर ऑनलाइन प्रविष्टि में लापरवाही बरतने वाले स्कूलों पर शिक्षा विभाग ने सख्त कार्रवाई की है। विभाग ने 54 विद्यालयों के प्रधान शिक्षकों एवं प्रभारी प्रधानाध्यापकों के तीन दिनों का वेतन काटने का आदेश दिया है। जबकि 261 विद्यालयों के प्रधान शिक्षकों और हेडमास्टरों से दो दिनों के भीतर स्पष्टीकरण मांगा गया है।
जिला शिक्षा पदाधिकारी कार्यालय से जारी पत्र के अनुसार 9 जून को शिक्षा विभाग के अपर मुख्य सचिव ने ई.शिक्षाकोष पोर्टल पर कक्षा.एक के विद्यार्थियों की प्रविष्टि की समीक्षा की थी। इस दौरान औरंगाबाद जिले की प्रगति बेहद असंतोषजनक पाई गई. बार.बार निर्देश दिए जाने के बावजूद कई विद्यालयों में नामांकित बच्चों का डेटा पोर्टल पर अपडेट नहीं किया गया।
विभागीय जांच में 54 विद्यालय ऐसे मिले जहां कक्षा.एक के नामांकन की ऑनलाइन प्रविष्टि शून्य थी। इसे विभागीय आदेश की अवहेलना और घोर लापरवाही मानते हुए संबंधित प्रधान शिक्षकों एवं प्रभारी प्रधानाध्यापकों के तीन दिनों के वेतन की कटौती की गई है। साथ ही तीन दिनों के भीतर शत.प्रतिशत प्रविष्टि सुनिश्चित करने का निर्देश भी दिया गया है। जिले के 261 विद्यालयों में कक्षा.एक के नामांकित विद्यार्थियों की ई.शिक्षाकोष पर प्रविष्टि 30 प्रतिशत से भी कम पाई गई। ऐसे सभी विद्यालयों के प्रधान शिक्षकों और प्रधानाध्यापकों से दो दिनों के भीतर जवाब मांगा गया है। विभाग ने स्पष्ट किया है कि संतोषजनक स्पष्टीकरण नहीं मिलने पर आगे विभागीय कार्रवाई की जाएगी।
वेतन कटौती की कार्रवाई औरंगाबाद, बारूण, देव, दाउदनगर, गोह, हसपुरा, कुटुंबा मदनपुर नवीनगर, ओबरा और रफीगंज प्रखंड के कुल 54 विद्यालयों पर की गई है। इनमें कई प्राथमिक, मध्य और उर्दू विद्यालय शामिल हैं, जहां कक्षा.एक की ऑनलाइन प्रविष्टि शून्य पाई गई। स्पष्टीकरण मांगने की कार्रवाई में सबसे अधिक नवीनगर प्रखंड के 43 विद्यालय शामिल हैं। इसके अलावा रफीगंज के 34, कुटुंबा के 30, ओबरा के 25, बारूण के 23, औरंगाबाद के 21, गोह के 20, दाउदनगर और देव के 18.18, हसपुरा के 15 तथा मदनपुर के 14 विद्यालयों के प्रधान शिक्षकों व प्रधानाध्यापकों से जवाब तलब किया गया है।
शिक्षा विभाग की इस सख्त कार्रवाई के बाद सरकारी विद्यालयों में हड़कंप मच गया है। संबंधित प्रधान शिक्षक अब नामांकन की ऑनलाइन प्रविष्टि पूरी करने में जुट गए हैं। विभाग ने स्पष्ट संकेत दिया है कि अब केवल कागजी रिकॉर्ड नहीं, बल्कि ई.शिक्षाकोष पोर्टल पर दिखाई देने वाली वास्तविक प्रगति के आधार पर अधिकारियों और शिक्षकों की जवाबदेही तय की जाएगी।



