नो हेलमेट नो फ्यूल’ की सार्थकता सड़क दुर्घटनाओं के प्रति सचेत सुरक्षा के हेलमेट की अनिवार्य
*ब्यूरो चीफ बाराबंकी* बाराबंकी। हेलमेट पहनना न केवल खुद की सुरक्षा के लिए जरूरी है। सड़क सुरक्षा के प्रति जागरूकता बढ़ाने में हेलमेट पहनने की आदत अहम भूमिका निभाती है। यह सड़क दुर्घटनाओं में सिर की चोटों से बचाव करता है। उक्त उद्गार जिलाधिकारी शशांक त्रिपाठी के निर्देश पर 1 से 30 सितम्बर तक चलाये जा रहे नो हेलमेट नो फ्यूल अभियान के तहत यात्री/मालकर अधिकारी रवि चन्द्र त्यागी ने ईधन भरवाने आये दोपहिया वाहन चालको को जागरुक करते हुये व्यक्त किये।
इस दौरान बिना हेलमेट मिलने पर 24 वाहनो के चालान भी किये गये। अभियान की जानकारी देते हुये सहायक सम्भागीय परिवहन अधिकारी प्रशासन/प्रवर्तन ने बताया कि सड़क सुरक्षा को बढ़ावा देने के लिए नो हेलमेट नो फ्यूल अभियान चलाया जा रहा है। जिसमे आज मंगलवार को यात्री/मालकर अधिकारी ने जनपद के विभिन्न पेट्रोल पम्प पर बिना हेलमेट मिलने पर 24 वाहनो के चालान व चालको को जागरुक भी किया।
फिलहाल चर्चायें यें कि जनपद में ऐसे पेट्रोल पम्प भी हैं कि बिक्री किसी तरह प्रभावित न हो पास में हेलमेट रखते हैं या बाइकर दूसरें से क्षणिक समय लिए मांग कर पेट्रोल ले लेते हैं । यदि डिजिटल लगें कैमरें में देखें तो नियमों का उल्लंघन कैसे करते हैं ? मिल सकती जानकारी । एक व दो सितम्बर को जो रूझान या अनिवार्यता दिखी थी , वह समयानुसार शिथिलता दिख रही हैं । सच्चाई ! ये भी कोई पेट्रोल पम्प के कर्मचारी द्वारा ये नहीं कहा जाता कि तुम्हारें पास हेलमेट क्यों नहीं , तुम्हारी सुरक्षा के लियें आवश्यक हेलमेट लगाना । खैर ! समय के गर्भ में मुख्यमंत्री के 1 सित0 से 30 तक दोपहिया वाहन चालको को बिना हेलमेट पेट्रोल न देने के निर्देश जनपद में पालन होता हैं ।




