आई सी एस सी में 98 प्रतिशत अंकों ने कराया कानपुर के होनहार आस्तिक दीक्षित को सम्मानित
सुनील बाजपेई
कानपुर। इस महानगर में होनहार विरवान के होत चीकने पात जैसे लोग कहावत को चर्चा करने वाले मेधावी छात्रों की भी कोई कमी नहीं है। दि चिन्टल्स स्कूल के आई.सी.एस.सी. बोर्ड के एक ऐसे ही होनहार मेधावी छात्र आस्तिक कुमार दीक्षित को कक्षा 10 की बोर्ड परीक्षा में 98 प्रतिशत अंक प्राप्त होने पर जिलाधिकारी जितेन्द्र प्रताप सिंह ने राघवेन्द्र स्वरूप आडिटोरियम हाल में हुये कार्यक्रम में मेडल पहनाकर व प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया। जिलाधिकारी जितेन्द्र प्रताप सिंह ने कहा कि छात्रों को सफलता के लिये आई. क्यू. संग डी.क्यू. भी जरूरी है। डीएम ने कहा कि वर्तमान समय में अगर डिजिटल हाईजीन नहीं होगी तो सफलता मिलना मुश्किल है।
जिलाधिकारी जितेन्द्र प्रताप सिंह ने यह भी कहा कि कुछ सुविधाएं कम होना भी अच्छा है। इससे युवा खुद लक्ष्य को निर्धारित कर आगे बढता है। उन्होंने कहा कि एक व्यक्ति के सिर्फ 5 व्यक्ति करीबी लोग हो सकते हैं।15 अच्छे दोस्त हो सकते हैं। सार्थक सम्बन्ध वाले 150 लोग हो सकते हैं और 500 से 1500 लोग पहचान वाले हो सकते हैं। सोशल मीडिया के जमाने में करीबी व अच्छे दोस्तों को वरीयता दें, न की आनलाइन दोस्तो को।
वहीं पढ़ाई को अपना शौक और जुनून बताते हुए हर किसी के सुख-दुख में सदैव खड़े होने वाले और कानपुर कचहरी में वकालत जैसे पवित्र पेशे के माध्यम से पीड़ितों को न्याय दिलाने में अग्रणी होने के साथ ही कई सरकारी और अर्ध सरकारी समितियों में सदस्य बेहद मानवीय दृष्टिकोण के तेज तर्रार और व्यवहार कुशल सरल व शालीन स्वभाव के कानून विद अधिवक्ता अनुज कुमार दीक्षित के इस होनहार बेटे टॉपर छात्र आस्तिक दीक्षित ने कहा कि अब उसका लक्ष्य आई.एस.सी. कक्षा 12 में टॉप करने के साथ साथ मेडिकल नीट के लिये आल इण्डिया में अच्छी रैंक लाकर एम्स दिल्ली में प्रवेश लेकर मेडिकल की पढ़ाई करना है ,जिससे जरुरतमंद लोंगो का ईलाज हो सके।
इस सफलता का श्रेय अपने माता-पिता और गुरुजनों को देते हुए छात्र आस्तिक कुमार दीक्षित ने कहा कि उसने नियमित पढ़ाई का शेड्यूल और लगातार रिवीजन की जो रणनीति बनाई वही अच्छे अंक प्राप्त करने में व टॉपर बनने में सफलता का आधार बनी।
आस्तिक कुमार दीक्षित ने कहा कि शिक्षा का मतलब सिर्फ क्लासरूम या परीक्षा व बेहतर अंकों तक सीमित रहना नहीं है। छात्र आस्तिक ने कहा कि यह अवसर सम्मान और बेहतर भविष्य के लिये वर्षों तक कड़ी मेहनत कराता है ,जिसके लिए छात्रों के माता पिता भी उसकी सफलता के लिए कोई कसर बाकी नहीं रखते। इसीलिए छात्रों को मार्केटिंग का हिस्सा नहीं बनना चाहिए।
इस मौके पर द चिन्टल्स के छात्रो द्वारा शास्त्रीय नृत्य के साथ प्रस्तुत गणेश वंदना भी तालियों की गड़गड़ाहट का पात्र बनी। इस दौरान पूरा आडिटोरियम भारत माता की जयकार के साथ गूंज उठा। जिस पर जिलाधिकारी ने कहा कि मेरे कार्यकाल के दो वर्षों का यह सराहनीय प्रस्तुति है। कार्यक्रम में शहर के कई गणमान्य व्यक्ति व छात्रों के अभिभावक मौजूद रहे।




