बिहार मंत्रिमंडल में मंगल पांडे का बढ़ सकता है कद, बन सकते है उप मुख्यमंत्री
मंत्रिमंडल का फार्मूला तय, कुछ मंत्रियों का भाग्य अभी से हो गया है तय
अजित प्रसाद / पटना : संभावना है कि 20 नवंबर को वे दसवीं बार बिहार के मुख्यमंत्री के रूप में शपथ लेंगे। 2025 के विधानसभा चुनाव में बीजेपी सबसे बड़ी पार्टी बनी है, लेकिन सरकार में नीतीश कुमार की JDU का दबदबा फिर बढ़ने की संभावना है।पटना के ऐतिहासिक गांधी मैदान में नई सरकार के शपथ ग्रहण कार्यक्रम की तैयारियां तेज गति से चल रही हैं। सुरक्षा इंतज़ाम, मंच निर्माण, वीआईपी सीटिंग और भीड़ नियंत्रण जैसी व्यवस्थाएं पूरी तरह से युद्धस्तर पर की जा रही हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के शामिल होने की संभावना लगभग तय मानी जा रही है। इसी आधार पर 19 या 20 नवंबर को शपथ ग्रहण होने के आसार मजबूत हैं।
चुनाव आयोग करेगा औपचारिक अधिसूचना जारी
आज चुनाव आयोग राज्यपाल को 18वीं विधानसभा के नतीजों की आधिकारिक जानकारी सौंपेगा। इस अधिसूचना के जारी होते ही चुनावी आचार संहिता पूरी तरह खत्म हो जाएगी। सोमवार को मुख्यमंत्री नीतीश कुमार कैबिनेट बैठक बुला रहे हैं जिसमें मौजूदा 17वीं विधानसभा को भंग करने का प्रस्ताव पारित होगा। इसके बाद वे राज्यपाल से मिलकर इस्तीफा सौंपेंगे, जिससे नई सरकार के गठन का रास्ता खुल जाएगा।
एनडीए में नेता चुनने को लेकर हलचल
नीतीश कुमार के इस्तीफे के बाद एनडीए के विभिन्न दल अपने-अपने विधानमंडल दल की बैठक करेंगे। इन बैठकों में एनडीए के नए नेता का चुनाव किया जाएगा। नेता चुने जाने के बाद राज्यपाल के समक्ष सरकार गठन का दावा पेश किया जाएगा।प्रधानमंत्री सहित कई राज्यों के सीएम होंगे शामिल
शपथ ग्रहण समारोह में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की मौजूदगी लगभग तय है। उनके अलावा कई बीजेपी शासित राज्यों के मुख्यमंत्री, केंद्रीय मंत्री और अन्य वरिष्ठ नेता भी पटना पहुंचेंगे। बड़ी संख्या में मेहमानों की उपस्थिति को ध्यान में रखते हुए सुरक्षा एजेंसियों को अलर्ट पर रखा गया है। सूत्रों के अनुसार, JDU के 11 मंत्री और मुख्यमंत्री नीतीश कुमार शपथ लेंगे। डिप्टी CM की रेस में बीजेपी के सम्राट चौधरी, रामकृपाल यादव और मंगल पांडे के नाम चर्चा में हैं। चिराग पासवान की LJP(R) भी सरकार में शामिल हो सकती है। कुल मिलाकर इस बार 30-32 मंत्रियों का मंत्रिमंडल बनाने की तैयारी है, जिसमें JDU और BJP के मंत्री लगभग बराबर होंगे। इसके अलावा LJP(R) को 3, जीतन राम मांझी और उपेंद्र कुशवाहा की पार्टियों को एक-एक मंत्री पद मिल सकता है। 2020 की परंपरा के मुताबिक दो डिप्टी CM बनाए जा सकते हैं, जिसमें एक डिप्टी CM की दावेदारी LJP(R) कर रही है। हालांकि, अंतिम निर्णय नीतीश कुमार के CM बनने के बाद BJP करेगी।
पिछली सरकार में JDU कोटे से 13 मंत्री थे, जिनमें से 10 मंत्रियों को नई सरकार में फिर से मौका मिल सकता है। पार्टी फिलहाल बड़े फेरबदल के मूड में नहीं है। भास्कर के पास JDU कोटे से शपथ लेने वाले मंत्रियों की संभावित लिस्ट मौजूद है।
JDU कोटे से इनका मंत्री बनना तय:विजय चौधरी,बिजेंद्र यादव,श्रवण कुमार, अशोक चौधरी,लेसी सिंह,जमा खान,मदन सहनी, जयंत राज,महेश्वर हजारी,संतोष निरालावहीं, भाजपा कोटे में 19 मंत्रियों में बड़े पैमाने पर बदलाव की संभावना है। डिप्टी CM विजय सिन्हा को बदला जा सकता है, जबकि सम्राट चौधरी अभी भी डिप्टी CM की दौड़ में हैं। इसके अलावा, मंगल पांडेय और रजनीश कुमार में से किसी एक के डिप्टी CM बनने की चर्चाएँ चल रही हैं। BJP कोटे इनका मंत्री बनना तय:
सम्राट चौधरी,नितिन नवीन,मंगल पांडे,रामकृपाल यादव
रजनीश कुमार का मंत्री बनना तय है। किस नेता की छिन सकती है कुर्सी? विजय कुमार सिन्हा को उपमुख्यमंत्री पद से हटाया जा सकता है। मुख्यमंत्री जदयू से होंगे जबकि विधानसभा अध्यक्ष भाजपा से होंगे। विजय सिन्हा को फिर से यह जिम्मेदारी सौंपी जा सकती है। उन्हें 2020 में भी विधानसभा अध्यक्ष नियुक्त किया गया था।




