रेल नाकाबंदी टली, कामतापुर राज्य की मांगों को लेकर सात दिन का अल्टीमेटम, धरने पर बैठे लोग
अजित प्रसाद, विशेष संवाददाता मैनागुड़ी, जलपाईगुड़ी (उत्तर बंगाल) : KSDC (कामतापुर स्टेट डिमांड काउंसिल) समेत कई संगठनों ने मिलकर अलग कामतापुर राज्य बनाने, आदिवासीकरण और भाषा की पहचान की मांगों को लेकर अनिश्चित समय के लिए रेल नाकाबंदी का आह्वान किया था। नाकाबंदी मंगलवार सुबह 6 बजे से शुरू होनी थी, लेकिन लीडरशिप ने आखिरी समय में इसे टालने का फैसला किया।
पता चला है कि भारत सरकार के प्रतिनिधियों ने KLO चीफ जीवन सिंह से बातचीत की और शांति वार्ता को जल्द पूरा करने का भरोसा दिया। उस भरोसे के आधार पर, रेल नाकाबंदी को फिलहाल के लिए टाल दिया गया। हालांकि, नाकाबंदी टालने के बाद भी प्रदर्शनकारी रेलवे लाइन के किनारे धरने पर बैठे रहे।
मंगलवार को सुबह 6 बजे से 10 बजे तक, बेटघरा रेलवे स्टेशन से सटे खातोबारी इलाके में रेलवे लाइन के किनारे सैकड़ों कार्यकर्ताओं और समर्थकों ने धरना दिया। बाद में शांति से प्रदर्शन खत्म कर दिया गया। संगठन के सूत्रों के मुताबिक, बातचीत के लिए सात दिन की डेडलाइन तय की गई है। उन्होंने चेतावनी दी है कि अगर इस समय में शांति समझौता नहीं हुआ और उनकी मांगें पूरी नहीं हुईं तो वे बड़ा आंदोलन करेंगे।
KSDC के अलावा, KPP U, AKSU, GCPA और दूसरे कई संगठनों ने आज प्रोग्राम में हिस्सा लिया। रेल रोके जाने की संभावना को देखते हुए मौके पर बड़ी संख्या में पुलिस बल तैनात किया गया था, ताकि कोई अनहोनी न हो।



