भारत-जापान संगोष्ठी ने कार्यबल सहयोग को एक नई गति प्रदान की
डॉ.समरेंद्र पाठक
वरिष्ठ पत्रकार
टोक्यो,26 मई 2026(एजेंसी)भारत सरकार के श्रम एवं रोजगार मंत्रालय की सचिव सुश्री वंदना गुरनानी ने कल कहा कि भारत की जनसांख्यिकीय शक्ति, सुदृढ़ कौशल विकास प्रणाली और संस्थागत सुधार देश को जापान सहित वैश्विक अर्थव्यवस्थाओं के लिए कुशल मानव संसाधन का एक विश्वसनीय स्रोत हैं।
आधिकारिक विज्ञप्ति के अनुसार सुश्री गुरनानी जापान की राजधानी टोक्यो स्थित भारतीय दूतावास एवं जापान की आसियान वन कंपनी लिमिटेड की ओर से आयोजित एक संगोष्ठी में बोल रही थीं।उन्होंने उच्च शिक्षा संस्थानों, औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थानों, शिक्षुता प्रणालियों, डिजिटल कौशल विकास प्लेटफार्मों और कैरियर सेवाओं द्वारा समर्थित भारत के व्यापक कार्यबल तैयारी तंत्र पर भी विस्तार से चर्चा की।
उन्होंने विदेश मंत्रालय के ई-माइग्रेट प्लेटफार्म, राष्ट्रीय कैरियर सेवा प्लेटफार्म, मॉडल कैरियर केंद्रों और कौशल विकास एवं उद्यमिता मंत्रालय, राज्यों और शैक्षणिक संस्थानों को शामिल करने वाले व्यापक कौशल विकास तंत्र सहित भारत के अंतर्राष्ट्रीय श्रम गतिशीलता ढांचे पर भी प्रकाश डाला।
श्रम सचिव ने भारत और जापान के बीच जापानी भाषा की तैयारी, क्षेत्र-विशिष्ट कौशल विकास, परीक्षण अवसंरचना, कौशल मानचित्रण, व्यावसायिक संरेखण, संरचित मांग एकत्रीकरण, नैतिक भर्ती प्रथाओं और संस्थागत सहयोग को मजबूत करने की आवश्यकता पर भी बल दिया।उन्होंने पारदर्शी, नैतिक और व्यापक अंतरराष्ट्रीय श्रम गतिशीलता मार्ग तैयार करने के लिए भारत सरकार की प्रतिबद्धता को रेखांकित किया।
इस संगोष्ठी में जापान की प्रमुख कंपनियों के लगभग 250 प्रतिनिधियों ने भाग लिया, जिनमें वरिष्ठ अधिकारी और मानव संसाधन प्रबंधक शामिल थे। प्रतिनिधियों ने भारत के कुशल कार्यबल पारिस्थितिकी तंत्र के साथ संरचित जुड़ाव की संभावनाओं पर चर्चा की।एल. एस.




