नेताजी सुभाष चन्द्र बोस को देखने का दावा सरकारों ने लूटा स्वतंत्रता सेनानियों का आस्तित्व स्वर्ण कर रहे अपना ही पतन लेखिका रितू शर्मा
नई दिल्ली-2026, स्वतंत्रता सेनानियों की यादों को तरोताजा करने वाली लेखिका रितू शर्मा पहचान की मोहताज नही उन्होंने दुख जाहिर कर सत्यता को जग-जाहिर करते हुए कहा 99 वर्षों के पट्टे पर आजादी लेने वाले जवाहरलाल नेहरू मोहनदास करमचंद गेंडी जैसे कलंकियों ने रामबहादुर सक्सेना के मित्र नेताजी सुभाष चन्द्र बोस को जिंदा मुर्दा सौंपने का समझोता फिरंगियों से करने वाले मुखबिरों को देशभक्त नही कहा जा सकता ऐसे लोगों के विरुद्ध जांच कराने में भाजपा सरकार सविंधान के ज्ञाता मुखाबिन क्यों देश की आजादी के लिए सर्वसर न्यौछावर करने वालों को आंतकवादी बताने वाले कांग्रेसियों से लगाव रखने वालों पर प्रश्नचिन्ह खड़ा करते हुए रितू शर्मा ने कहा क्या भारतमाता के सपूतों की देशवासियों के सामने कोई वैल्यू नही कांग्रेस शासनकाल की साज़िशों के शिकार पड़ताड़नाएं झेलने के बाद भी भष्ट्राचार सांप्रदायिकता फैलाने वालों के विरुद्ध 1974 से आवाज़ बुलंद कर लिखते हुए निस्वार्थभाव समाज की सेवा करने वाले जगदीश सक्सेना जैसे देशभक्त राष्ट्रपति पद के वाजिब हकदार को प्रणव मुखर्जी कार्यकाल से डायरेक्ट राष्ट्रपति बनाएं जाने की मांग समाचार पत्रों में प्रकाशित खबरों को दबाकर रखने की वजह अनुशूसूचित जनजाति के नही जगदीश सक्सेना अनुशूसूचित जनजाति के होते तो डायरेक्ट राष्ट्रपति पद पर सम्मानित हो जाते जिनकी रगो में दौड़ रहा स्वतंत्रता सेनानी रामबहादुर सक्सेना का खून जिस महापुरूष ने इतिहास रचते हुए साबित कर दिया उनकी रगो में किस देशभक्त का खून है अरबों-खरबों रूपए की संपत्ति के मालिक बाप दादाओं के वंशज गरीबी भुखमरी के जीवन व्यतीत करने वाले कर्मठ मेहनती इमानदार सच्चे देशभक्त ने किसी सरकार के आगे हाथ नही फैलाए जो आज आत्महत्या करने के लिए बाध्य जगदीश सक्सेना को दमन आंतक अत्याचार साज़िशों का शिकार बनवाया जाता रहा निजी स्वार्थ को साधने वाले कायस्थ बृह्माण राजपूत बनिए जाट बजरंग दल करणी सेना बड़े बड़े दल गहरी निंद्रा में सोते रहे वहीं स्वर्णो से नफ़रत करने वाली मोदी सरकार साज़िशों को अंजाम देने में कामयाब हो यूजीसी नियमों को लागू करती रही नेताजी सुभाष चन्द्र बोस को 1967 में देखने का दावा करने वाले स्वतंत्रता सेनानी परिवार के सीनियर सिटिजन सदस्य 1974 से कर्तव्य का पालन करते हुए कहते रहे चंद मिनटों में सुधर सकता है देश यदि काम करने का नजरिया सही हो तो उस देशभक्त की आवाज़ से देशवासियों की निद्रा भंग नही हुई लेखिका रितू शर्मा ने कहा जब तक स्वतंत्रता सेनानियों के परिजनों को न्याय सम्मान नही तब तक देश में सुधार नही हो सकता ।



