एमपी में कांग्रेस को बड़ा झटका मीनाक्षी नटराजन का नामांकन रद्द
-महेश केवट का राज्यसभा जाना तय
भारत पोस्ट संवाददाता
नई दिल्ली। मध्य प्रदेश की सियासत से इस वक्त की सबसे बड़ी खबर सामने आ रही है। राज्य में राज्यसभा चुनाव की स्क्रूटनी ;नामांकन पत्रों की जांच. के दौरान कांग्रेस पार्टी को एक बहुत बड़ा राजनीतिक झटका लगा है। चुनाव आयोग ने कांग्रेस की आधिकारिक उम्मीदवार और पूर्व सांसद मीनाक्षी नटराजन का नामांकन पत्र रद्द कर दिया है। इस नाटकीय घटनाक्रम के बाद अब मध्य प्रदेश की खाली हो रही तीनों राज्यसभा सीटों पर भारतीय जनता पार्टी का पूरी तरह से कब्जा होना साफ हो गया है। कांग्रेस प्रत्याशी का पर्चा खारिज होने से भाजपा के तीसरे उम्मीदवार महेश केवट की निर्विरोध जीत का रास्ता साफ हो गया है।
भारतीय जनता पार्टी ने पहले ही मीनाक्षी नटराजन के नामांकन पत्रों पर गंभीर आपत्तियां दर्ज कराई थीं। भाजपा का आरोप था कि नटराजन ने अपने हलफनामे में कई महत्वपूर्ण जानकारियां छिपाई हैं और दस्तावेजों में तकनीकी खामियां हैं। छिपाई भाजपा की मुख्य आपत्ति यह थी कि मीनाक्षी नटराजन ने तेलंगाना की एक अदालत में अपने खिलाफ लंबित एक कानूनी मामले का खुलासा नामांकन पत्र में नहीं किया था। चुनाव अधिकारियों ने गहन जांच के बाद भाजपा की इस आपत्ति को सही पाया और नियमों के तहत नटराजन का नामांकन रद्द कर दिया। इस फैसले के साथ ही राज्यसभा चुनाव में कांग्रेस की चुनौती पूरी तरह समाप्त हो गई।
महेश केवट भाजपा के एक अनुभवी नेता हैं, जो लंबे समय से राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ और पार्टी के संगठनात्मक नेटवर्क से जुड़े रहे हैं। इस हफ़्ते की शुरुआत में, मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव ने केवट की दशकों की जनसेवा और वैचारिक प्रतिबद्धता की तारीफ़ की थी।
भाजपा ने आरोप लगाया था कि नटराजन के नॉमिनेशन पेपर्स में कई कमियां थीं और कुछ जानकारियां छिपाई गई थीं। पार्टी की मुख्य आपत्तियों में से एक तेलंगाना की अदालत में लंबित एक कानूनी मामले का खुलासा न करना था। खबरों के मुताबिक, चुनाव अधिकारियों ने जांच प्रक्रिया के दौरान इन आपत्तियों को स्वीकार कर लिया, जिससे नटराजन का नॉमिनेशन रद्द हो गया और राज्यसभा चुनाव में कांग्रेस की चुनौती लगभग खत्म हो गई। कांग्रेस उम्मीदवार के रेस से बाहर होने के बादए अब ठश्र का मध्य प्रदेश से राज्यसभा की तीनों सीटों पर बिना किसी मुकाबले के जीतना तय हो गया है।

