टीएमसी को झटका पर एक और बड़ा झटका

प्रकाश चिक बारिक का राज्यसभा से इस्तीफा

भारत पोस्ट संवाददाता
नई दिल्ली। तृणमूल कांग्रेस के भीतर छिड़ा आंतरिक विद्रोह अब पूरी तरह बेकाबू होता नजर आ रहा है। गुरुवार को पार्टी को एक और करारा झटका लगा जब राज्यसभा सांसद प्रकाश चिक बारिक ने उच्च सदन की सदस्यता से इस्तीफा दे दिया। पिछले महज एक हफ्ते के भीतर संसद से इस्तीफा देने वाले वे टीएमसी के तीसरे राज्यसभा सांसद हैं। बारिक से पहले सोमवार को दिग्गज नेता सुखेंदु शेखर रॉय और बुधवार को सुष्मिता देव ने अपने पदों से इस्तीफा देकर टीएमसी नेतृत्व को हिलाकर रख दिया था।
बारिक के इस्तीफ़े के साथ, राज्यसभा में पार्टी की संख्या घटकर 10 सांसद रह जाएगी। सूत्रों ने यह भी संकेत दिया कि अगले हफ़्ते के अंदर टीएमसी के तीन और राज्यसभा सांसद इस्तीफ़ा दे सकते हैं, जिससे ममता बनर्जी के नेतृत्व वाली पार्टी के लिए संकट और गहरा सकता है।
टीएमसी सांसदों के बीच संकट की शुरुआत सोमवार को ममता बनर्जी के भरोसेमंद सहयोगी सुखेंदु शेखर रॉय के इस्तीफ़े से हुई। उस समय टीएमसी प्रमुख दिल्ली में इंडिया ब्लॉक के नेताओं ;जिनमें सोनिया गांधी भी शामिल थींद्ध के साथ कई बैठकें कर रही थीं। वे टीएमसी के ख़िलाफ़ राष्ट्रीय स्तर पर विपक्ष की रणनीति बनाने और 2026 के विधानसभा चुनावों में हार के बाद पार्टी के भविष्य की दिशा पर चर्चा कर रही थीं।
दिन.ब.दिन, अपनी विधायी पार्टी पर ममता की पकड़ कमज़ोर होती दिख रही है. उनके 80 में से 58 विधायकों ने बागी विधायक रिताब्रत बनर्जी का समर्थन किया है। यह संख्या अब बढ़कर 64 हो गई है। रिताब्रत .. जिन्हें ममता की नाराज़गी के बावजूद उनके सहयोगियों ने बंगाल विधानसभा में विपक्ष का नेता चुना था .. का दावा है कि आने वाले दिनों में और विधायक बागी खेमे में शामिल होंगे।
जैसे ही विधानसभा में ममता का खेमा ताश के पत्तों की तरह ढहने लगा, बगावत जल्द ही दिल्ली तक फैल गई। राज्यसभा में, रॉय .. जिन्होंने 13 साल तक उच्च सदन में पार्टी के मुख्य सचेतक ;चीफ़ व्हिपद्ध के तौर पर काम किया था .. ने इस्तीफ़ों का सिलसिला शुरू किया। उनके बाद बुधवार को सुष्मिता देव और गुरुवार को बारिक ने इस्तीफ़ा दिया। अब सूत्रों का कहना है कि अगले हफ़्ते के अंत तक तीन और सांसद पार्टी छोड़ सकते हैं। हालाँकि, यह संकट सिर्फ़ बंगाल विधानसभा और राज्यसभा तक ही सीमित नहीं रहा। यह जल्द ही तेज़ी से लोकसभा तक भी फैल गया। बुधवार को जब ममता दिल्ली का अपना तीन दिन का दौरा खत्म करके कोलकाता लौटीं, तो सूत्रों ने पार्टी के उन 19 लोकसभा सांसदों के नाम बताए जो कथित तौर पर उनसे अलग होकर एनडीए में शामिल होना चाहते हैं।

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