हर कदम पर हिमाचल के साथ केंद्र सरकार : नड्डा

-अवसरों को जनहित में बदलने में विफल रही है कांग्रेस सरकार

विशेष प्रतिनिधि
शिमला। केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री तथा रसायन एवं उर्वरक मंत्री जेपी नड्डा ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार ने हिमाचल प्रदेश के विकासए पुनर्निर्माण और जनकल्याण के लिए संसाधनों की कोई कमी नहीं छोड़ी है। आपदा प्रबंधन आधारभूत संरचना स्वास्थ्य, शिक्षा, ऊर्जा और कनेक्टिविटी सहित हर क्षेत्र में अभूतपूर्व सहयोग दिया गया, लेकिन कांग्रेस सरकार इन अवसरों को जनहित में बदलने में विफल रही है। नड्डा ने शनिवार को शिमला में पत्रकार वार्ता में कहा कि प्रदेश की जनता ने बार.बार प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व, भारतीय जनता पार्टी की विकासवादी राजनीति तथा सुशासन के मॉडल पर अपना अटूट विश्वास प्रकट किया है। उन्होंने कहा कि लगातार तीन लोकसभा चुनावों में प्रदेश की सभी चारों सीटें भाजपा की झोली में डालकर हिमाचल की जनता ने स्पष्ट कर दिया है कि वह विकास, राष्ट्रहित और जनकल्याण की राजनीति के साथ मजबूती से खड़ी है। उन्होंने कहा कि हाल ही में संपन्न पंचायत एवं नगर निकाय चुनावों में भी भाजपा को व्यापक जनसमर्थन प्राप्त हुआ है। यह जनादेश प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में चल रही विकास यात्रा पर जनता के विश्वास तथा कांग्रेस सरकार की विफलताओं के प्रति जनता के बढ़ते असंतोष का प्रत्यक्ष प्रमाण है।
नड्डा ने बताया कि वित्त वर्ष 2024.25 में हिमाचल प्रदेश को विशेष सहायता योजना के तहत 2,381 करोड़, एनडीआरएफ के माध्यम से 2,006 करोड़ तथा बाह्य सहायता प्राप्त परियोजनाओं के लिए 2,150 करोड़ की अतिरिक्त सहायता प्रदान की गई। उन्होंने कहा कि प्रदेश में 40,000 करोड़ से अधिक की लागत से राष्ट्रीय राजमार्ग परियोजनाएं प्रगति पर हैं। रेलवे क्षेत्र में रिकॉर्ड 2,911 करोड़ का आवंटन किया गया है तथा 13,168 करोड़ की लागत वाली चार प्रमुख रेल परियोजनाओं पर कार्य जारी है। अमृत भारत स्टेशन योजना और वंदे भारत ट्रेन ने प्रदेश की कनेक्टिविटी को नई गति दी है। आईआईएम सिरमौर, आईआईआईटी ऊना, स्मार्ट सिटी मिशन, रेणुका जी बांध और लुहरी परियोजना जैसे अनेक विकास कार्य केंद्र सरकार की हिमाचल के प्रति प्रतिबद्धता का प्रमाण है।
नड्डा ने कहा कि एम्स बिलासपुर, मेडिकल कॉलेजों, पीजीआई सैटेलाइट सेंटर तथा आईजीएमसी शिमला के लिए हजारों करोड़ रुपये की सहायता दी गई है। जायका समर्थित 1,422 करोड़ की परियोजना के माध्यम से प्रदेश के प्रमुख स्वास्थ्य संस्थानों को अत्याधुनिक सुविधाओं से सशक्त किया जा रहा है लेकिन उन्होंने कहा कि पीएम.अभिम के तहत स्वीकृत 15 क्रिटिकल केयर ब्लॉकों में से केवल एक ही पूरा हो पाया है। 12 इंटीग्रेटेड पब्लिक हेल्थ लैब में से केवल एक तैयार हुई है और 73 स्वीकृत ब्लॉक सार्वजनिक स्वास्थ्य इकाइयों में से एक भी संचालित नहीं हो सकी है। 15वें वित्त आयोग के तहत स्वास्थ्य क्षेत्र के लिए स्वीकृत 521 करोड़ में से लगभग आधी राशि खर्च ही नहीं की गई।
नड्डा ने कहा कि केंद्र सरकार ने 11 अक्तूबर 2022 को ही बल्क ड्रग पार्क परियोजना को स्वीकृति प्रदान कर दी थी,लेकिन प्रदेश सरकार ने इस महत्वाकांक्षी परियोजना को प्राथमिकता नहीं दी। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार की सुस्त कार्यशैली और प्रक्रियागत लापरवाही के कारण पर्यावरणीय मंजूरी प्राप्त करने में लगभग तीन वर्ष लग गए और यह मंजूरी 25 सितंबर 2025 को जाकर मिली। नड्डा ने कहा कि यदि प्रदेश सरकार समय रहते आवश्यक औपचारिकताएं पूरी करती, तो आज हिमाचल प्रदेश देश के फार्मा क्षेत्र में नई पहचान स्थापित कर चुका होता तथा हजारों युवाओं के लिए रोजगार के अवसर सृजित हो चुके होते। उन्होंने कहा कि यह केवल एक परियोजना में हुई देरी नहीं, बल्कि विकास के प्रति कांग्रेस सरकार की उदासीनता और अवसरों को गंवाने की प्रवृत्ति का स्पष्ट उदाहरण है।
नड्डा ने कहा कि कैग रिपोर्ट के अनुसार हिमाचल प्रदेश पर ऋण का बोझ 1 लाख करोड़ से अधिक हो चुका है। शासन.प्रशासन में समन्वय का अभाव है और विकास परियोजनाएं अपेक्षित गति से आगे नहीं बढ़ पा रही हैं। नड्डा ने कहा कि हिमाचल प्रदेश की जनता घोषणाएं नहीं, परिणाम चाहती है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार हिमाचल के विकास और समृद्धि के लिए पूरी प्रतिबद्धता के साथ कार्य करती रहेगी। केंद्र ने संसाधनों की कोई कमी नहीं छोड़ी।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button