सहज इंटरप्राइजेज के गोरखधंधे से उपभोक्ता असहज
-एजेंसी गैस कटिंग के अपनाते हैं तरह-तरह के हथकंडे
भारत पोस्ट संवाददाता
नई दिल्ली। राजधानी में रसोई गैस उपभोक्ताओं को गैस एजेंसी के गोरखधंधे का शिकार होना पड़ रहा है। रसोई गैस एजेंसी, गैस कटिंग दुकानदार और डिलवरीमैन की मिलीभगत से रसोई गैस का अवैध कारोबार बेखौफ इसलिए फलता-फूलता है कि स्थानीय विभाग और पुलिस का संरक्षण प्राप्त होता है। इससे पहले भी सहज इंटरप्राइजेज, 256/3, गोविन्दपुरी, कालकाजी का गैस कटिंग का मामला भारत पोस्ट अखबार में प्रकाशित हुआ था और यूट्यूब चैनल पर वीडियो प्रसारित हुआ था। इसके बावजूद संस्थान पर कोई कार्रवाई नहीं हुई।
प्राप्त जानकारी के मुताबिक, सहज इंटरप्राइजेज का गोदाम ओखला इंस्टीयल एरिया, ए-ब्लॉक, फेज-2 में अवस्थित है। गोदाम के बगल में एक पार्क में गैस कटिंग का अवैध कारोबार चलता है। सिलेंडर से गैस की चोरी का नया-नया तरीका इजाद कर लिया जाता है। प्राप्त जानकारी के मुताबिक, एक उपभोक्ता को जो सिलेंडर की आपूर्ति सहज इंटरप्राइजेज के डिलवरीमैन ने किया था, उस सिलेंडर के वजन का पेंट को टेरवेट अर्थात् ओवरराटिंग कर बदल दिया जाता है। जो सिलेंडर उपभोक्ता को दिया गया उसका वजन 16 किलो था जिसे टेरवेट कर 15 किलो किया गया था तो गैस सहित सिलेंडर का वजन 29 किलो दर्शाया गया। अर्थात् एक किलो गैस कम पाया गया।
सवाल यह है कि सबूत के साथ मामला उजागर होता है तो गैस एजेंसी और स्थानीय इंडियन ऑयल कार्पोरेशन कार्यालय किसी तरह की कार्रवाई नहीं करता है, वहीं उपभोक्ता को खुलेआम चूना लगाया जाता है। सवाल यह भी है कि इस तरह के गोरखधंधे में कार्पोरेशन कार्यालय के अधिकारी भी तो संलिप्त नहीं हैं।

