पतंजलि विवि और एम्स ऋषिकेश में समझौता
-वैज्ञानिक अनुसंधान का करेंगे आदान.प्रदान
भारत पोस्ट संवाददाता
हरिद्वार। पतंजलि अनुसंधान संस्थान, पतंजलि विश्वविद्यालय और अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान ;एम्स ऋषिकेश के बीच एक महत्वपूर्ण समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए गए। इस समझौते के तहत क्लीनिकल अध्ययन, वैज्ञानिक अनुसंधान अकादमिक सहयोग और विशेषज्ञों के आदान.प्रदान को बढ़ावा दिया जाएगा।
आचार्य बालकृष्ण ने कहा कि यह साझेदारी एक समन्वित स्वास्थ्य मॉडल को सशक्त बनाएगी। इसमें पारंपरिक भारतीय चिकित्सा ज्ञान और आधुनिक वैज्ञानिक पद्धतियां एक.दूसरे की पूरक बनेंगी। एम्स ऋषिकेश की निदेशक और मुख्य कार्यकारी अधिकारी मीनू सिंह ने कहा कि आधुनिक चिकित्सा और पारंपरिक ज्ञान के बीच वैज्ञानिक संवाद वर्तमान समय की आवश्यकता है। यह समझौता क्लीनिकल रिसर्च, नवाचार और शिक्षा के क्षेत्र में नए अवसर प्रदान करेगा।
उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि संयुक्त अनुसंधान से रोगियों के उपचार और स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता बेहतर होगी। पतंजलि विवि के उपकुलपति मयंक कुमार अग्रवाल ने बताया कि दोनों संस्थान वैज्ञानिक और तकनीकी विशेषज्ञता साझा करेंगे। वे विद्यार्थियोंए शोधार्थियोंए चिकित्सकों और वैज्ञानिकों के लिए प्रशिक्षण तथा एक्सचेंज प्रोग्राम संचालित करेंगे। एम्स ऋषिकेश के डीन ;रिसर्च शैलेंद्र हांडू ने कहा कि यह समझौता समग्र स्वास्थ्य की दिशा में एक मील का पत्थर साबित होगा। इस दौरान पतंजलि अनुसंधान संस्थान के प्रमुख वैज्ञानिक अनुराग वार्ष्णेय समेत कई अन्य लोग मौजूद रहे।




