अमेरिका और इजराइल का चाबहार पर फिर हमला

-भारत के ड्रीम प्रोजेक्ट को बार.बार कर रहा टारगेट

विशेष प्रतिनिधि
चाबहार। भारत के लिए बेहद महत्वपूर्ण और रणनीतिक महत्व वाला बंदरगाह चाबहार। इसे लेकर अब एक बड़ी जानकारी सामने आई है। ईरान से चल रहे युद्ध में अमेरिका और इजराइल चाबहार के कई इलाकों पर बमबारी कर चुका है और इसमें चाबहार के इलाकों में भारी नुकसान की भी खबरें हैं। लेकिन अब चाबाहार पर एक बार फिर हमले की खबर सामने आई है। सिस्तान और बलूचिस्तान प्रांत में ईरान के पोर्ट्स एंड मैरीटाइम अफेयर्स अथॉरिटी ने बुधवार को बताया कि दक्षिण.पूर्वी ईरान में चाबहार पोर्ट पर रात में हुए हमलों के दौरान अमेरिकी प्रोजेक्टाइल से मैरीटाइम ट्रैफिक कंट्रोल सेंटर पर हमला हुआ, जिससे उसका ढांचा क्षतिग्रस्त हो गया। अथॉरिटी के पब्लिक रिलेशंस डिपार्टमेंट ने एक बयान में कहा कि चाबहार पोर्ट पर अमेरिकी हमलों के बाद पोर्ट के मैरीटाइम ट्रैफिक कंट्रोल सेंटर पर हमला किया गया। बयान में कहा गया है कि मैरीटाइम वॉचटावर एक सिविलियन सुविधा है, जिसका इस्तेमाल मुख्य रूप से समुद्र में मछुआरों के लिए सर्च और रेस्क्यू ऑपरेशन और समुद्री व्यापार को सुरक्षित रखने के लिए किया जाता है।
यह बयान उस रिपोर्ट के बाद आया है जिसमें एक प्रांतीय अधिकारी के हवाले से कहा गया था कि ईरान के दक्षिण.पश्चिमी खुज़ेस्तान प्रांत में गेहूं के भंडारण वाले साइलो और एक अन्य जगह पर रात में अमेरिकी प्रोजेक्टाइल से हमला किया गया। इससे पहले मंगलवार को अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा था कि ईरान पर हमले जारी रहेंगे और आने वाले दिनों में और तेज़ होंगे। उन्होंने चेतावनी दी कि अगर तेहरान बातचीत की मेज़ पर वापस नहीं लौटा, तो अमेरिका अगले हफ़्ते से ईरान के पावर प्लांट और पुलों को निशाना बनाना शुरू कर देगा। हाल के दिनों में होर्मुज़ जलडमरूमध्य को लेकर अमेरिका और ईरान के बीच तनाव बढ़ गया है। पाकिस्तान की मध्यस्थता में हुए उस समझौते के बावजूद दोनों पक्षों ने एक.दूसरे पर हमले किए हैं, जिसका मकसद संघर्ष को खत्म करना और स्थायी शांति समझौता करना था। ईरान ने संयुक्त राष्ट्र को एक पत्र भी भेजा है, जिसमें उसने अमेरिका पर इस्लामाबाद समझौते का उल्लंघन करने का आरोप लगाया है।
चाबहार भारत के लिए बेहद रणनीतिक महत्व वाला पोर्ट है। इसके जरिए भारत पाकिस्तान को बाईपास करके ईरान और फिर उससे आगे के हिस्सों तक अपनी पहुंच को बढ़ाता है और इसमें पाकिस्तान की भूमिका को वो शून्य करता है। लेकिन जिस तरह से चाबहार पोर्ट पर अमेरिका ने पहले शिकंजा कसा प्रतिबंध लगाएं और अब जिस तरह से ईरान पर हमलों के बीच चाबहार को भी निशाना बनाया गया है। उसने कई तरह की चिंताएं खड़ी कर दी है। यही वजह है कि भारत बार.बार यही कह रहा है कि नागरिक और ऊर्जा इंफ्रास्ट्रक्चरों को निशाना बनाना कतई स्वीकार्य नहीं है। इसके अलावा भारत बार.बार यही अपनी बात दोहरा रहा है कि सभी पक्षों को शांति बनाए रखने के लिए बातचीत जरूरी है।

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