बंगाल में लगातार 3 दिनों से वर्षा के कारण दार्जिलिंग की पहाड़ियों में जनजीवन अस्त-व्यस्त
* भूस्खलन से राष्ट्रीय राजमार्ग ठप, ट्वॉय ट्रेन भी बंद
अजित प्रसाद / सिलीगुड़ी: बंगाल में लगातार 3 दिन से हो रही वर्षा के कारण दार्जिलिंग की पहाड़ियों में जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है। तिनधरिया और मिरिक क्षेत्र में भूस्खलन की वजह से राष्ट्रीय राजमार्ग संख्या 55 (NH 55) बंद हो गयी है। तिनधरिया में मलबा गिरने से एक घर, एक ट्रक और 2 बाइक मलबे में दब गये. सुरक्षा कारणों से दार्जिलिंग हिमालयन रेलवे यानी टॉय ट्रेन सेवा को अस्थायी रूप से बंद कर दिया गया है.
मिरिक-सुखिया पोखरी मार्ग पर जगह सड़कें धंसीं
मिरिक-सुखिया पोखरी मार्ग पर भी कई जगह सड़कें धंस गयी हैं. दुधिया का पुराना ब्रिज भी वर्षा के कारण क्षतिग्रस्त हो गया है, ऐसी सूचना आ रही है.
एनडीआरएफ की टीम राहत और बचाव कार्य में लगीं
जिला प्रशासन और NDRF की टीमें राहत कार्य में जुटी हैं. मिरिक और नागराकाटा इलाके से अब तक 250 से ज्यादा लोगों को सुरक्षित निकालकर मिरिक, कलिम्पोंग में बनाये गये 3 राहत शिविरों में रखा गया है.मलबा हटाने में जुटे पीडब्ल्यूडी के कर्मचारी
पश्चिम बंगाल सरकार के आपदा प्रबंधन विभाग ने कहा कि प्रभावित परिवारों को तुरंत आर्थिक सहायता और अस्थायी आवास दिया जायेगा. सड़कों से मलबा हटाने के लिए PWD और स्थानीय एजेंसियां युद्धस्तर पर काम कर रही हैं.
मौसम विभाग का अलर्ट: IMD ने दार्जिलिंग और कलिम्पोंग के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। इसका मतलब यह है कि इन जिलों में अत्यधिक बारिश होने की संभावना है। विभाग के अनुसार, अगले 24-48 घंटे में भारी बारिश जारी रह सकती है, जिससे और भू-स्खलन होने की आशंका है।


