वकीलों ने किया ऐलान EVM पर का घमासान
नई दिल्ली , दिल्ली में चुनावी प्रक्रिया और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर विरोध के स्वर तेज होते नजर आ रहे हैं। विभिन्न राजनीतिक संगठनों के प्रदर्शन के बीच अब EVM के इस्तेमाल का विरोध कर रहे वकीलों ने भी आंदोलन का ऐलान किया है। पटियाला हाउस कोर्ट से जुड़े वकीलों ने 15 अक्टूबर को प्रदर्शन करने की घोषणा की है। ऐसे में राजधानी की सियासत में इस मुद्दे को लेकर हलचल बढ़ गई है।
राजधानी दिल्ली में ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर अलग-अलग राजनीतिक दलों और संगठनों की ओर से विरोध प्रदर्शन किए जा रहे हैं। इसी कड़ी में जीजेपी के समर्थकों और AISA से जुड़ी नेहा बोरा की ओर से भी विरोध दर्ज कराए जाने की बात सामने आई है। अब इस मुद्दे पर वकीलों की सक्रियता ने पूरे घटनाक्रम को एक नया आयाम दे दिया है।
पटियाला हाउस कोर्ट के वकीलों ने मीडिया से बातचीत के दौरान 15 अक्टूबर को विरोध प्रदर्शन करने का ऐलान किया है। उनकी प्रमुख मांगों में ज्ञानेश कुमार का इस्तीफा और EVM मशीनों के इस्तेमाल को बंद करना शामिल है। वकीलों के इस ऐलान के बाद अब सबकी नजरें प्रस्तावित प्रदर्शन पर टिकी हैं।
वकीलों ने यह भी कहा है कि यदि उनकी मांगों पर ध्यान नहीं दिया गया, तो वे कानूनी विकल्पों पर विचार करेंगे। मीडिया के सामने दिए गए उनके बयान के मुताबिक, ज्ञानेश कुमार, दिल्ली प्रशासन, उपराज्यपाल और बीजेपी सरकार के खिलाफ अदालत का रुख करने की बात भी कही गई है। हालांकि, इस संबंध में किसी मुकदमे के दाखिल होने की पुष्टि उपलब्ध जानकारी से नहीं होती है।
अब सवाल यह है कि 15 अक्टूबर को होने वाला यह प्रदर्शन कितना प्रभावी रहेगा? क्या इस विरोध पर संबंधित पक्षों की ओर से कोई प्रतिक्रिया सामने आएगी? और क्या EVM को लेकर उठ रही मांगें आगे चलकर कानूनी बहस का रूप लेंगी?
फिलहाल, दिल्ली में इस मुद्दे को लेकर राजनीतिक सरगर्मी जारी है। 15 अक्टूबर के प्रदर्शन और उससे जुड़े घटनाक्रम पर सभी की निगाहें बनी हुई हैं।



