बलिदान दिवस: शहादत दिवस पर याद किए गए क्रांतिकारी शहीद खुदीराम बोस
नन्दकिशोर दास
बेगूसराय ब्यूरो। सोमवार को शहीद सुखदेव सिंह समन्वय समिति कार्यालय सुखदेव सभागार सर्वोदय नगर में क्रांतिकारी खुदीराम बोस की 117वीं शहादत दिवस मनाया गया। जिसकी अध्यक्षता शिक्षक नेता एवं प्रदेश के उपाध्यक्ष जेपी सेनानी अमरेंद्र कुमार सिंह ने की। अध्यक्षीय संबोधन में शिक्षक नेता अमरेंद्र कुमार सिंह ने कहा कि बंगाल के मेदिनीपुर ग्राम के रहने वाले 18 वर्ष का क्रांतिकारी युवक खुदीराम बोस अंग्रेज को भारत से भगाने के लिए गरम दल के नेता सुभाष चंद्र बोस, चंद्रशेखर आजाद, भगत सिंह, मंगल पांडे, करीम खान के साथ मिलकर अंग्रेजों को मार भगाने की कसम खाई। अंग्रेज के ऊपर बम फेंकने के अपराध में फांसी की सजा मुजफ्फरपुर में सुनाई गई। उनको आज के दिन फांसी दे दी गई। महिला सेल की सचिव सुनीता देवी ने कहा कि अंग्रेज को भगाने के लिए युवकों ने गरम दल बनाकर देश की आजादी में अहम भूमिका अदा की। आज के युवक को उनके विचारों से मिलकर आतंकवाद, देशद्रोही, भ्रष्टाचार को खत्म करने के लिए आगे आना चाहिए। इंजीनियर आलोक कुमार सिंह ने कहा कि भारत के क्रांतिकारियों ने गरम दल बना, अंग्रेजों को भगाने के लिए नरम दल से मिलकर अंग्रेजो को लोहे का चना चबाना और खासकर उधम सिंह ने जालियांवाला बाग हत्याकांड में अंग्रेजों का जुल्म देखकर कसम खाई। इस अवसर पर पवन कुमार शर्मा रोटी बैंक सहयोग समिति, जेपी सेनानी के जिला अध्यक्ष राजेंद्र महतो अधिवक्ता, रविशंकर पोद्दार गांधी जन सुराज पार्टी नगर अध्यक्ष, वेद प्रकाश समाजसेवी, छात्र अनिकेत कुमार पाठक, आंचल कुमारी, छात्र आर्यन कुमार, तेजस कुमार, छात्रा अनया गौतम अनेकों ने खुदीराम बोस को याद किया।



