अखिलेश यादव का चंपत राय पर हमला जांच में जिम्मेदार लोगों को बचाने की कोशिश
-पूर्व मुख्यमंत्री के बयान से गरमाई सियासत
भारत पोस्ट संवाददाता
लखनऊ। अयोध्या राम मंदिर में चढ़ावे और चंदे में कथित गड़बड़ी को लेकर समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने भाजपा सरकार और जांच एजेंसियों पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने आरोप लगाया कि एसआईटी की जांच में केवल छोटे कर्मचारियों पर कार्रवाई की जा रही है, जबकि बड़े पदों पर बैठे जिम्मेदार लोगों को बचाने की कोशिश हो रही है।
अखिलेश यादव ने सवाल उठाते हुए कहा कि एसआईटी की रिपोर्ट में चंपत राय का नाम नहीं होना कई सवाल खड़े करता है। उन्होंने कहा कि यदि जांच निष्पक्ष है तो मामले से जुड़े हर जिम्मेदार व्यक्ति की भूमिका की जांच होनी चाहिए। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि मंदिर ट्रस्ट के शीर्ष पदाधिकारियों की जवाबदेही तय नहीं की जा रही है।
सपा प्रमुख ने कहा कि भगवान राम मर्यादा पुरुषोत्तम हैं और उन्होंने समाज को सत्य ईमानदारी और मर्यादा का मार्ग दिखाया. ऐसे में यदि भगवान के नाम पर आए चढ़ावे में किसी तरह की गड़बड़ी हुई है तो यह केवल आर्थिक मामला नहीं, बल्कि करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था से जुड़ा विषय है। अखिलेश यादव ने कहा कि सनातन परंपरा में भगवान को अर्पित चढ़ावे में गड़बड़ी को सबसे बड़ा पाप माना जाता है। उन्होंने आरोप लगाया कि इस मामले ने पूरे सनातन समाज की भावनाओं को आहत किया है।
उनका कहना है कि अब तक यह भी स्पष्ट नहीं हो पाया है कि चढ़ावे में कितनी राशि की कथित गड़बड़ी हुई और जांच के साथ हर दिन नए तथ्य सामने आ रहे हैं। सपा अध्यक्ष ने मांग की कि पूरे मामले की निष्पक्ष और पारदर्शी जांच हो तथा जो भी दोषी पाए जाएं। उनके खिलाफ बिना किसी भेदभाव के कार्रवाई की जाए। उन्होंने कहा कि जांच केवल निचले स्तर के कर्मचारियों तक सीमित नहीं रहनी चाहिए, बल्कि सभी जिम्मेदार पदाधिकारियों की भूमिका भी सामने आनी चाहिए।

