बांकुड़ा में बीजेपी जिलाध्यक्ष के खिलाफ पोस्टरों से पटा शहर, TMC और BJP में जुबानी जंग तेज

अजित प्रसाद,बांकुड़ा : पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव की आहट के साथ ही ‘लाल माटी’ के जिले बांकुड़ा में ‘पोस्टर राजनीति’ ने हलचल पैदा कर दी है। जिले के विभिन्न हिस्सों में बीजेपी के बांकुड़ा संगठनात्मक जिला अध्यक्ष प्रसेनजीत चटर्जी के खिलाफ गंभीर आरोप लगाते हुए कई पोस्टर चिपकाए गए हैं, जिसके बाद जिले का राजनीतिक पारा चढ़ गया है।

शनिवार सुबह बांकुड़ा शहर के रामपुर, पांचबागा और अन्य प्रमुख इलाकों में सफेद कागज पर हाथ से लिखे पोस्टर दीवारों पर चिपके मिले। इन पोस्टरों में जिलाध्यक्ष पर तीखे हमले किए गए हैं: प्रसेनजीत चटर्जी पर भ्रष्टाचार और तृणमूल कांग्रेस (TMC) के साथ ‘सेटिंग’ (साठगांठ) करने के आरोप लगाए गए हैं. कुछ पोस्टरों में 2024 के लोकसभा चुनाव में बांकुड़ा सीट पर बीजेपी उम्मीदवार की हार के लिए जिलाध्यक्ष की कार्यशैली को जिम्मेदार ठहराया गया है. पोस्टरों में महिलाओं के सम्मान को ठेस पहुँचाने जैसे गंभीर आरोप भी शामिल हैं।
पोस्टर किसने लगाए, इसे लेकर सत्तापक्ष और विपक्ष के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर शुरू हो गया है:बीजेपी के जिलाध्यक्ष प्रसेनजीत चटर्जी ने इन आरोपों को पूरी तरह निराधार बताया है। बीजेपी का दावा है कि राजनीतिक रूप से मुकाबला न कर पाने के कारण TMC ने यह साजिश रची है। उन्होंने पार्टी के भीतर किसी भी गुटबाजी से इनकार किया है। तृणमूल की बांकुड़ा संगठनात्मक जिला चेयरमैन अलका सेन मजूमदार ने इन आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि बीजेपी आपसी गुटबाजी से जूझ रही है। उनके अनुसार, यह बीजेपी के नाराज कार्यकर्ताओं का काम है और TMC का इससे कोई लेना-देना नहीं है।चुनाव से ठीक पहले इस तरह की पोस्टरबाजी ने चुनावी माहौल को और अधिक तनावपूर्ण बना दिया है। जहाँ बीजेपी इसे विरोधियों की साजिश बता रही है, वहीं सत्ताधारी दल इसे बीजेपी का आंतरिक कलह करार दे रहा है।



