गठिया के खिलाफ सफलता पूर्वक जारी सत्या का अभियान , कार्यशाला में विशेषज्ञ अग्रवाल ने बढ़ाया मरीजों का मनोबल

 

सुनील बाजपेई
कानपुर। गठिया आज विश्व की तेज बढ़ती हुई बीमारी है। विश्व में इनकी संख्या लगभग 60 है ,जिनके इलाज आदि में पूरे विश्व की 1.5% इकॉनमी इसमें खर्च हो जाती है। इनमें से 30 प्रतिशत यानी लगभग 18 करोड़ गठिया रोगी अपने भारत में हैं। जोकि देश के लिए भी बड़ा भार भी हैं। वे देश की जीडीपी में अपना समुचित योगदान भी नहीं दे पा रहे हैं। इसी लिए देश के नीति निर्धारकों को इस ज्वलंत मुद्दे पर शीघ्रता से पॉलिसी बनाने की भी आवश्यकता है। जहां तक इस संबंध में आधुनिक चिकित्सा विज्ञान का सवाल है। हाल फ़िलहाल उसने गठिया के रोग को 90 फीसदी से ज्यादा खत्म करने का विकल्प निकाल लिया है।
यह बात यहां सामाजिक चेतना के इरादे से जानी मानी स्त्री रोग विशेषज्ञ डॉक्टर मनीषा अग्रवाल की अगुवाई में गठिया विषय पर आयोजित एक कार्यशाला को संबोधित करते हुए 20 हजार से ज्यादा सर्जरी करके एक बड़ा कीर्तिमान स्थापित करने वाले बर्रा 6 स्थित सत्य हॉस्पिटल के डायरेक्टर और जाने माने प्रत्यारोपण व घुटने के विशेषज्ञ डॉ ए के अग्रवाल ने कही।
गठिया, नी रिप्लेशमेंट, हिप रिप्लेशमेंट, आर्थोस्कोपिक सर्जरी जैसे जटिल ऑपरेशन कर मरीजों को शत प्रतिशत लाभ पहुंचाने वाले डॉक्टर ए के अग्रवाल की टीम सत्य हॉस्पिटल में अब एक ऐसी आधुनिक तकनीक से घुटना प्रत्यारोपण कर रहे हैं ,जिससे गठिया रोगी ऑपरेशन के तुरंत बाद खड़ा होकर चलने भी लग जाता है।
बूढे व वृद्ध लोगों के गठिया जैसी बीमारी का सफल घुटना प्रत्यारोपण या अन्य ऑपरेशन से उन्हें न केवल अपनी सामान्य जिदंगी प्रदान करने बल्कि उन्हें 30 साल का नौजवान भी महसूस कराने वाले विश्व प्रसिद्ध विशेषज्ञ डॉक्टर एके अग्रवाल की वजह से ही चलने फिरने में बिल्कुल असमर्थ किदवई नगर निवासी एक 72 वर्षीय महिला ,गोविंद नगर निवासी मिसज़ सप्रा भी घुटनों की पीड़ा से मुक्त होकर अब खुशहाल जीवन यापन कर रही हैं।
इस कार्यक्रम को आए हुए अन्य विशेषज्ञों ने भी संबोधित किया। साथ ही कानपुर समेत पूरे उत्तर प्रदेश के विभिन्न जनपदों से सफल ऑपरेशन का लाभ उठा चुके मरीजों, निकट भविष्य में गठिया जैसी बीमारी से निजात पाने के लिए ऑपरेशन की तैयारी कर रहे लोगों के बीच खेल कूद व मनोरंजक कार्यक्रमों को भी आयोजित कर उनमें गठिया के खिलाफ सफलता का उत्साह भी भरा गया। इसमें संवाद के जरिए घुटना प्रत्यारोपण के भय भी निजात दिलाई गई। हर दृष्टिकोण से गठिया के खिलाफ बहुत सफल इस आयोजन में डॉक्टर ए के अग्रवाल द्वारा लिखित पुस्तक गठिया पर विजय का विमोचन और उसका वितरण भी किया गया।
कार्यक्रम में सम्मिलित लोगों ने न केवल विभिन्न खेलों का आनन्द उठाया बल्कि गठिया रोग से दुख से आनन्द में बदलने की अपनी कहानियों को भी साझा किया। खेलकूद व अन्य प्रतिभागी प्रतियोगिताओं में शामिल लोगों को डॉ ए के अग्रवाल व डॉ मनीषा अग्रवाल द्वारा पुरुस्कार देकर सम्मानित भी किया गया।
सत्या हॉस्पिटल के डॉयरेक्टर डॉ ए के अग्रवाल व डॉ मनीषा अग्रवाल की अध्यक्षता में हुए इस कार्यक्रम में अनुज अग्रवाल, डॉ के के पटेरिया, आदेश तिवारी, ऐड्वोकेट विप्लव अवस्थी अमन शर्मा, अमिता पॉल, विनोद यादव, कोमल यादव, मोहित विश्वकर्मा आदि ने भाग लिया। कार्यक्रम के अंत में धन्यवाद प्रस्ताव सत्येंद्र ने दिया।

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