तेघड़ा में टाटा-छपरा और मिथिला एक्सप्रेस के ठहराव की मिली स्वीकृति पर प्रसन्नता
तेघड़ा विकास संघर्ष समिति का आंदोलन लाया रंग
मिन्टू कुमार झा
तेघड़ा, बेगूसराय संवाददाता। रेल विभाग द्वारा तेघड़ा स्टेशन पर टाटा-छपरा एक्सप्रेस एवं मिथिला एक्सप्रेस ट्रेनों के ठहराव की स्वीकृति मिलने के बाद स्थानीय लोगों में प्रसन्नता है। दोनों ट्रेनों का ठहराव पूर्व में तेघड़ा स्टेशन पर था। किन्तु कोरोना काल में दोनों ट्रेनों का ठहराव बंद कर दिया गया था। तेघड़ा विकास संघर्ष समिति की ओर से दोनों ट्रेनों का तेघड़ा स्टेशन पर ठहराव की मांग को लेकर लगातार आंदोलन चल रहा था। इस संबंध में कई बार रेलमंत्री भारत सरकार सहित डीआरएम, रेल महाप्रबंधक एवं राज्यसभा सांसद राकेश सिन्हा को ज्ञापन दिया गया। इस संबंध में तेघड़ा विकास संघर्ष समिति के अध्यक्ष तारकेश्वर प्रसाद सिंह ने कहा कि दोनों ट्रेनों के ठहराव की स्वीकृति मिलने से लोगों के आवागमन में सुविधा होगी। समिति के संरक्षक पूर्व डीएसपी सुनील कुँवर ने कहा कि इस दोनों ट्रेनों के ठहराव की मांग को लेकर तेघड़ा विकास संघर्ष समिति के बैनर तले लगातार आंदोलन चल रहा था। हमारे आंदोलन के आलोक में राज्यसभा सांसद राकेश सिन्हा द्वारा पहल की जा रही थी। अब रेल विभाग के द्वारा दोनों ट्रेनों के ठहराव की स्वीकृति दी गई जो सराहनीय है। श्री कुँवर ने इसके लिये राकेश सिन्हा और भारत सरकार के प्रति आभार प्रकट किया है। समिति के संयोजक सह अधिवक्ता शशिभूषण भारद्वाज ने कहा कि तेघड़ा स्टेशन पर ट्रेनों के ठहराव की स्वीकृति मिलना तेघड़ा विकास संघर्ष समिति द्वारा किये गये आंदोलन एवं समस्त तेघड़ावासियों की जीत है। उन्होंने कहा कि तेघड़ा स्टेशन के विकास एवं यहां अन्य महत्वपूर्ण ट्रेनों के ठहराव के लिये संघर्ष जारी रहेगा। सचिव पवन ठाकुर ने ट्रेनों के ठहराव की स्वीकृति मिलने पर प्रसन्नता जाहिर करते हुए कहा कि विकास की अन्य मांगों को लेकर हमारा आंदोलन जारी रहेगा। कार्यकारी सचिव अशोक ठाकुर ने इस मांग के लिये संघर्ष में सहयोग करने वाले सभी लोगों के प्रति आभार प्रकट किया है। तेघड़ा विकास संघर्ष समिति के आंदोलन की इस जीत पर सरोज कुमार पासवान, महेश प्रसाद सिंह, रामकिंकर सिंह, गोरेलाल मिश्र, राजीव रंजन सिंह, डॉ. उग्रनारायण पंडित, रंधीर मिश्रा, सच्चिदानंद पाठक, कामदेव यादव आदि ने हर्ष व्यक्त किया है।


