भारत से फर्जी कागजात से नेपाल जाने के दौरान इंडोनेशिया की महिला गिरफ्तार

जांच में जुटी सुरक्षा एजेंसियां, आधार कार्ड और पेनकार्ड बरामद

 

अजित प्रसाद/ सिलीगुड़ी: भारत-नेपाल की सीमा… एक ऐसा इलाका जहाँ हर दिन हजारों लोग आते-जाते हैं और जहाँ हमारी सुरक्षा बल की पैनी नज़र हर संदिग्ध गतिविधि पर होती है। दार्जिलिंग जिले में भी एक ऐसी ही सीमा है, जहाँ एसएसबी के जवानों ने एक ऐसी महिला को पकड़ा है,जिसकी कहानी सुनकर आप हैरान रह जाएंगे। वह स्थान है पानीटंकी। क्या हुआ था सीमा पर? यह मामला किशनगंज के भारत-नेपाल सीमा से जुड़ा है,जहाँ एसएसबी के जवान रूटीन चेकिंग कर रहे थे। तभी उनकी नज़र एक महिला पर पड़ी,जिसकी गतिविधियां थोड़ी संदिग्ध लग रही थीं। जवानों ने जब उसे रोककर पूछताछ की,तो उसने खुद को नेपाल की नागरिक बताया। अपनी पहचान साबित करने के लिए उसने अपना आधार कार्ड भी दिखाया। एक झूठ और खुल गई पूरी पोलसब कुछ पहली नज़र में ठीक लग रहा था,लेकिन जवानों का अनुभव कुछ और ही कह रहा था। जब उन्होंने महिला से गहराई से पूछताछ की,तो उसकी कहानी में झोल नज़र आने लगा। उसकी बातों और उसके लहजे से शक और गहरा गया।पूछताछ में जो खुलासा हुआ,उसने सबके होश उड़ा दिए। महिला असल में नेपाल की नहीं,बल्कि इंडोनेशिया की नागरिक थी। वह भारत में अवैध तरीकेसे रह रही थी और अब फर्जी नेपाली पहचान पत्र के सहारे सीमा पार करने की फिराक में थी।क्यों और कैसे पहुंची इंडोनेशिया से इंडिया ?जांच में पता चला कि यह विदेशी महिला किसी काम से भारत आई थी और फिर यहीं बिहार के किशनगंज में एक स्थानीय युवक के साथ रह रही थी। उसने भारत में अपनी पहचान छिपाने और आसानी से रहने के लिए एक फर्जी आधार कार्ड भी बनवा लिया था। अब वह किसी कारण से नेपाल जाना चाहती थी,जिसके लिए उसने यह सारा ड्रामा रचा। लेकिन,सीमा पर तैनात एसएसबी की सतर्कता के आगे उसकी एक न चली। एसएसबी ने तुरंत महिला को हिरासत में ले लिया और आगे की कार्रवाई के लिए पुलिस के हवाले कर दिया है। अब पुलिस इस बात की जांच कर रही है कि वह भारत में कब और कैसे दाखिल हुई,और उसका असली मकसद क्या था। यह घटना एक बार फिर भारत-नेपाल जैसी खुली सीमाओं पर होने वाली घुसपैठ और सुरक्षा चुनौतियों को उजागर करती है।

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