भूदान आंदोलन के मसीहा विनोबा भावे की मनाई गई जयंती
नन्दकिशोर दास
बेगूसराय ब्यूरो। शुक्रवार को रोटी बैंक सहयोग समिति की ओर से सदर अस्पताल के बाहर विनोबा भावे की 130वीं जयंती मनाई गई। रोटी बैंक सहयोग समिति के संयोजक पवन कुमार ने कार्यक्रम की अध्यक्षता की। मुख्य वक्ता जेपी सेनानी संपूर्ण क्रांति मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष व शिक्षक नेता अमरेंद्र कुमार सिंह ने कहा कि विनोबा भावे 20वीं सदी के महान संत थे। यही कारण है कि गांधी जी ने विनोबा भावे को प्रथम सत्याग्रह माना था। उनका जन्म 11 सितंबर 1895 ईस्वी को महाराष्ट्र के कोलाबा जिले की पेन तहसील के गोगेदा ग्राम में हुआ था। जिला पुस्तकालय संघ सचिव अरविंद सिंह ने कहा कि विनोबा भावे तत्कालीन भारतीय आम जनमानस के प्राण थे। उन्होंने अपना संपूर्ण जीवन देशवासियों के समर्पित कर दिया था। उन्होंने 1951 में भूदान आंदोलन किया था। उनका मूल उद्देश्य अहिंसात्मक तरीके से देश में सामाजिक परिवर्तन लाना था। वे बहुमुखी प्रतिभा के धनी थे। जिन्होंने बड़े आदमी से जमीन दान लेकर गरीबों के बीच वास करके दिया करते थे। अध्यक्षीय संबोधन में पवन कुमार शर्मा ने कहा कि विनोबा भावे यात्रा कर भू स्वामियों से अपनी जमीन का कम से कम छठा हिस्सा भूदान के रूप में भूमिहीनों के बीच बांटने का अनुरोध करते रहे। इस अवसर पर राजेंद्र महतो जेपी सेनानी संपूर्ण क्रांति मोर्चा जिलाअध्यक्ष, रघुवीर सिंह नगर फुटकर दुकानदार संघ के अध्यक्ष, मृदुल झा, नाथू साव, जुल्फिकार अली अनेकों ने महापुरुष के तेलचित्र पर माल्यार्पण कर महान विनोबा भावे को शत शत नमन किया।




