उत्तर प्रदेश में एजुकेट गर्ल्स के स्वतंत्रता दिवस वृक्षारोपण अभियान से जुड़े 18,000 से अधिक लोग

स्कूलों और गाँवों में लगाए गए 10,000 से अधिक पौधे; विद्यार्थियों, शिक्षकों, ग्राम प्रधानों, सरकारी प्रतिनिधियों और टीम बालिका स्वयंसेवकों ने लिया भाग

 

लखनऊ, अगस्त, 2026: भारत के 80वें स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर एजुकेट गर्ल्स द्वारा आयोजित मेगा प्लांटेशन ड्राइव 2026 के तहत उत्तर प्रदेश के स्कूलों और गाँवों में 18,000 से अधिक लोगों ने मिलकर 10,000 से ज्यादा पौधे लगाए।
यह वृक्षारोपण अभियान बदायूं, हरदोई, फर्रुखाबाद, शाहजहांपुर, सीतापुर, बाराबंकी, बांदा, गोंडा, बलरामपुर, प्रयागराज और फतेहपुर सहित कई जिलों में आयोजित किया गया। प्राथमिक और उच्च प्राथमिक विद्यालयों के साथ-साथ ग्रामीण समुदायों में भी पौधारोपण गतिविधियां आयोजित की गईं।
इस अभियान में स्कूली बच्चों, शिक्षकों, विद्यालय स्टाफ, ग्राम प्रधानों, ग्राम पंचायत प्रतिनिधियों, आँगनवाड़ी कार्यकर्ताओं, अभिभावकों, सरकारी अधिकारियों, वन विभाग के कर्मचारियों, टीम बालिका स्वयंसेवकों और एजुकेट गर्ल्स की टीम ने भाग लिया।
पौधे लगाने के साथ-साथ प्रतिभागियों ने उनकी नियमित देखभाल करने का भी संकल्प लिया। अभियान का उद्देश्य पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूकता बढ़ाने के साथ बच्चों और समुदायों को स्वच्छ, हरित और सुरक्षित वातावरण बनाने में सक्रिय रूप से जोड़ना था।
सरकारी प्रतिनिधियों और समुदाय के प्रतिनिधियों ने भी लिया भाग
सीतापुर के महोली रेंज में फॉरेस्ट रेंज ऑफिसर कल्पेश्वर नाथ ने वन विभाग के अन्य अधिकारियों के साथ गुलरिहा के प्राथमिक एवं उच्च प्राथमिक विद्यालय में पौधारोपण गतिविधियों में भाग लिया।
इस अवसर पर उन्होंने कहा, “पौधारोपण पर्यावरण संरक्षण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। बच्चों और समुदाय की भागीदारी ऐसी पहलों को और प्रभावी बनाती है। अभियान की असली सफलता तभी होगी, जब लगाए गए पौधों की नियमित देखभाल सुनिश्चित की जाए।”
उन्होंने एजुकेट गर्ल्स और जिले के स्थानीय समुदायों के साथ मिलकर कार्य करने के अवसर की भी सराहना की।
एजुकेट गर्ल्स के स्टेट ऑपरेशंस हेड नितिन कुमार झा ने कहा, “जलवायु परिवर्तन से निपटने के लिए पौधे लगाना एक महत्वपूर्ण कदम है, लेकिन इसके साथ जागरूकता और शिक्षा भी उतनी ही जरूरी है। इस अभियान के माध्यम से हम चाहते हैं कि बच्चे और समुदाय अपने पर्यावरण की रक्षा में सीधे भाग लें और साथ ही बालिका शिक्षा के प्रति भी जागरूकता बढ़े।”
टीम बालिका स्वयंसेवक भारती सोनकर ने कहा, “पौधा लगाना सिर्फ अपने आसपास के वातावरण को हरा-भरा बनाने तक सीमित नहीं है। यह भविष्य के प्रति हमारी जिम्मेदारी भी है। इस अभियान के माध्यम से हम समुदायों को पर्यावरण संरक्षण और जलवायु परिवर्तन के बारे में सोचने और जागरूक होने के लिए प्रोत्साहित कर रहे हैं।”
विद्यालय बने सामुदायिक भागीदारी के केंद्र
कई जिलों में विद्यालय वृक्षारोपण गतिविधियों के केंद्र बने, जहाँ विद्यार्थियों, शिक्षकों, टीम बालिका स्वयंसेवकों और स्थानीय समुदाय के सदस्यों ने मिलकर भाग लिया।
शाहजहांपुर जिले में एक प्राथमिक विद्यालय में ग्राम प्रधान ने विद्यार्थियों, शिक्षकों और आँगनवाड़ी कार्यकर्ताओं के साथ पौधारोपण किया और समुदाय को पर्यावरण संरक्षण के लिए प्रेरित किया। शिक्षक वीरेश कुमार ने बालिका शिक्षा और सामुदायिक सहभागिता में टीम बालिका स्वयंसेवकों के योगदान की सराहना करते हुए उन्हें प्रशस्ति-पत्र देकर सम्मानित भी किया।
बालिका शिक्षा और समान अवसरों पर बात करते हुए ग्राम प्रधान ने कहा, “हम अपनी आधी आबादी को पीछे छोड़कर आगे नहीं बढ़ सकते। अभी हमने केवल कुछ कदम आगे बढ़ाए हैं, अभी बहुत लंबा सफर तय करना बाकी है।”
बांदा जिले के बाबेरू ब्लॉक की छात्रा आंचल ने अभियान में भाग लेने के बाद अपना अनुभव साझा करते हुए कहा, “आज हमने अपने स्कूल में पौधे लगाए और हमें बहुत अच्छा लगा। अब हम इन पौधों को रोज पानी देंगे और इन्हें बड़ा करेंगे। हमारा स्कूल अब और भी सुंदर और हरा-भरा दिखाई देगा।”
वृक्षारोपण अभियान के अंत में विद्यार्थियों, शिक्षकों और समुदाय के सदस्यों ने लगाए गए पौधों की देखभाल करने और अपने गाँवों में अन्य लोगों को भी पर्यावरण संरक्षण के लिए प्रेरित करने का संकल्प लिया।

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