विश्व पर्यावरण दिवस पर रोटरी क्लब ऑफ सिलीगुड़ी मिडटाउन द्वारा सिलीगुड़ी टाउन रेलवे स्टेशन पर पर्यावरण संरक्षण विषयक चित्रकला प्रतियोगिता एवं “पौध गोद अभियान” आयोजित*
अजित प्रसाद/सिलीगुड़ी : विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर रोटरी क्लब ऑफ सिलीगुड़ी मिडटाउन द्वारा शहर के ऐतिहासिक एवं विरासत महत्व वाले दार्जिलिंग हिमालयन रेलवे (DHR) से जुड़े सिलीगुड़ी टाउन रेलवे स्टेशन परिसर में पर्यावरण संरक्षण, हरित जीवनशैली एवं प्रकृति के प्रति जिम्मेदारी का संदेश देने हेतु एक विशेष बाल चित्रकला प्रतियोगिता का आयोजन किया गया।
सिलीगुड़ी टाउन रेलवे स्टेशन शहर की ऐतिहासिक धड़कन एवं विरासत का प्रतीक माना जाता है। यह वही ऐतिहासिक स्थल है, जहाँ रवीन्द्रनाथ ठाकुर, महात्मा गांधी, नेताजी सुभाष चंद्र बोस सहित अनेक महान विभूतियों का आगमन हुआ था। DHR (टॉय ट्रेन) की ऐतिहासिक विरासत से जुड़ा यह स्टेशन सिलीगुड़ी की सांस्कृतिक एवं ऐतिहासिक पहचान का एक महत्वपूर्ण केंद्र रहा है।
पर्यावरण संरक्षण विषय पर आयोजित इस प्रतियोगिता में आसपास के अनेक बच्चों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया तथा अपने चित्रों के माध्यम से स्वच्छता, हरियाली, वृक्षारोपण एवं प्रकृति संरक्षण का सशक्त संदेश दिया।
कार्यक्रम की एक अत्यंत प्रेरणादायक पहल के अंतर्गत बच्चों को “पौध गोद अभियान” के तहत पौधे प्रदान किए गए। बच्चों ने पौधों को अपने परिवार का सदस्य मानते हुए उन्हें घर में रोपित करने, नियमित जल सिंचन करने तथा उनके संरक्षण एवं पालन-पोषण का संकल्प लिया।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि रेलवे विभाग के श्री राजदीप चक्रवर्ती (CCIM) उपस्थित रहे, जबकि विशेष अतिथि के रूप में भारत विकास परिषद, सिलीगुड़ी के अध्यक्ष श्री कैलाश कंदोई ने अपनी गरिमामयी उपस्थिति दर्ज कराई। अतिथियों ने बच्चों के उत्साह, रचनात्मकता एवं पर्यावरण के प्रति जागरूकता की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे आयोजन समाज में सकारात्मक परिवर्तन की मजबूत नींव रखते हैं।
इस कार्यक्रम के प्रोजेक्ट चेयरमैन रोटेरियन मनोज शर्मा “गौड़” थे, जिन्होंने पर्यावरण संरक्षण के साथ-साथ मिट्टी संरक्षण के महत्व पर बच्चों को सरल, प्रेरणादायक एवं व्यवहारिक तरीके से जानकारी देते हुए उन्हें प्रकृति के प्रति जिम्मेदारी निभाने के लिए प्रेरित किया।
यह आयोजन केवल एक कार्यक्रम नहीं, बल्कि नई पीढ़ी में प्रकृति प्रेम, पर्यावरणीय उत्तरदायित्व एवं हरित भविष्य के निर्माण का एक सार्थक सामाजिक संदेश बनकर उभरा।



