पाकिस्तान की घुसपैठ भारतीय सेना प्रमुख उपेंद्र द्विवेदी की चेतावनी, बोले- ‘लगाम लगाइए, वरना…’
विनय चतुर्वेदी (विशेष संवाददाता)
पटना , आर्मी चीफ जनरल उपेंद्र द्विवेदी ने अपनी वार्षिक प्रेस कॉन्फ्रेंस में अहम बयान दिए हैं. आज तक के एक सवाल के जवाब में उन्होंने कहा कि मौजूदा समय में ड्रोन और मिसाइल फोर्स की जरूरत बेहद अहम हो गई है. उन्होंने कहा कि चीन और पाकिस्तान ने अपनी ड्रोन और मिसाइल फोर्स खड़ी कर ली है और भारत को भी ऐसा करने की जरूरत है.
थलसेना प्रमुख ने कहा, ‘क्या हमें मिसाइल फोर्स की जरूरत है? इसका जवाब है हां. हम रॉकेट और मिसाइल फोर्स की दिशा में काम कर रहे हैं, क्योंकि चीन और पाकिस्तान दोनों ने ऐसी फोर्स खड़ी कर ली है. भारत पहले ही 150 किलोमीटर और 450 किलोमीटर रेंज का रॉकेट सिस्टम शामिल कर चुका है और अब इससे लंबी दूरी की क्षमताओं पर भी काम किया जा रहा है.’
जनरल द्विवेदी ने कहा कि ऑपरेशन सिंदूर के दौरान अंतरराष्ट्रीय सीमा और लाइन ऑफ कंट्रोल (LoC) पर फायरिंग में पाकिस्तानी सेना के 100 जवानों को मार गिराया गया. उन्होंने बताया कि अब भी आठ आतंकी कैंप सक्रिय हैं, जिनमें से छह एलओसी के पार और दो अंतरराष्ट्रीय सीमा के सामने हैं. सेना इन पर लगातार नजर रखे हुए है और जरूरत पड़ने पर उचित कार्रवाई की जाएगी.
आर्मी चीफ जनरल उपेंद्र द्विवेदी ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि चीन और पाकिस्तान की मिसाइल और ड्रोन फोर्स के जवाब में भारत को भी अपनी मिसाइल फोर्स मजबूत करनी होगी. उन्होंने बताया कि ऑपरेशन सिंदूर के दौरान पाकिस्तानी सेना के 100 जवान मारे गए थे.
सेनाध्यक्ष ने कहा कि ऑपरेशन सिंदूर अभी भी जारी है. उन्होंने यह भी बताया कि देश के उत्तरी बॉर्डर पर हालात स्थिर हैं, लेकिन इसके साथ ही निरंतर सतर्कता बरती जा रही है. बीते दिनों पाकिस्तान ने भारत में जासूसी के लिए ड्रोन भेजे थे. इस पर भारतीय सेना के प्रमुख उपेंद्र द्विवेदी ने बड़ी चेतावनी देते हुए कहा है कि पाकिस्तान अपने ड्रोन्स काबू में रखे. उन्होंने कहा कि पाकिस्तानी सेना के ऑपरेशंस प्रमुख को DGMO की साप्ताहिक बैठक में कहा गया है कि ऐसे ड्रोन हमले ‘अस्वीकार्य’ हैं और उन्हें ‘कंट्रोल’ करना होगा.
जनरल द्विवेदी ने कहा कि जम्मू-कश्मीर की स्थिति संवेदनशील है, लेकिन पूरी तरह कंट्रोल में है.



