मोदी सरकार फिलिस्तीन पर चुप क्यों?

-सोनिया गांधी ने 20 हजार बच्चों की मौत पर उठाए सवाल

भारत पोस्ट संवाददाता
नई दिल्ली। राहुल गांधी ने शनिवार ;27 जून. को आर्टिकल शेयर करते हुए लिखा कि इंडिया धीरे.धीरे इजरायल के रणनीतिक प्रभाव के दायरे में जा रहा है। जबकि दुनिया का बड़ा हिस्सा उससे दूरी बना रहा है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री की इजरायल यात्रा को इतिहास एक चौंकाने वाले रणनीतिक फैसले के रूप में देख सकता है। राहुल गांधी ने गाजा में फिलिस्तीनी बच्चों और आम नागरिकों पर हो रहे हमलों पर चिंता जतायी। उन्होंने आगे लिखा कि भारत की आत्मा और उसकी परंपरा यही कहती है कि हमें अपने फिलिस्तीनी भाइयों.बहनों के साथ खड़ा होना चाहिए।
तो अब सवाल उठता है कि सोनिया गांधी ने आखिर इस आर्टिकल में ऐसा क्या लिखा कि राहुल गांधी को ये बातें कहनी पड़ी। सोनिया गांधी ने गाजा के मामले में मोदी सरकार की लगातार चुप्पी पर सवाल उठाया है। उन्होंने कहा है कि भारत को फिलिस्तीनियों के समर्थन में स्पष्ट और मुखर रुख अपनाना चाहिए। साथ ही गाजा और वेस्ट बैंक में हो रही घटनाओं पर ग्लोबल ओपिनियन को देखते हुए रिएक्ट करना चाहिए। सोनिया ने एक इंग्लिस डेली के लिये लिखे लेख में संयुक्त राष्ट्र की स्वतंत्र अंतरराष्ट्रीय जांच आयोग की हालिया रिपोर्ट का हवाला दिया। साथ ही उन्होंने दावा किया कि गाजा में बच्चों को एक प्लान के तहत निशाना बनाया जा रहा है और वहां की मानवीय स्थिति बेहद भयावह हो चुकी है।
सोनिया गांधी ने कहा कि संयुक्त राष्ट्र की स्वतंत्र जांच समिति ने अपनी रिपोर्ट में निष्कर्ष निकाला है कि गाजा में फिलिस्तीनियों के खिलाफ इजरायल की कार्रवाई नरसंहार जैसी है। उन्होंने बताया कि जून 2026 में आयोग ने फिर कहा कि इजरायल की नीतियों और सैन्य कार्रवाई का असर ऐसा है, जिससे गाजा में फिलिस्तीनियों के अस्तित्व पर खतरा पैदा हो रहा है और बच्चों तक को निशाना बनाया जा रहा है। सोनिया गांधी ने कहा कि इस आयोग की अध्यक्षता अब पूर्व न्यायाधीश एस. मुरलीधर कर रहे हैं और 94 पन्नों की इस रिपोर्ट को पढ़ना बेहद दर्दनाक और झकझोर देने वाला अनुभव है।
सोनिया गांधी ने कहा कि संयुक्त राष्ट्र की रिपोर्ट में गाजा में हुई तबाही की बेहद दर्दनाक तस्वीर सामने आई है। उनके मुताबिक, रिपोर्ट में कहा गया है कि अब तक करीब 20 हजार बच्चों की मौत हो चुकी है, जबकि 44 हजार से ज्यादा बच्चे घायल हुए हैं। इनमें से कई बच्चों को ऐसी चोटें लगी हैं, जिनके कारण वे पूरी जिंदगी दिव्यांग रह सकते हैं। उन्होंने कहा कि बच्चों को नुकसान पहुंचना कोई हादसा नहीं, बल्कि एक सोची.समझी रणनीति का हिस्सा बताया गया है। सोनिया गांधी के अनुसार, मरने और घायल होने वालों में बड़ी संख्या बच्चों की है। गाजा के लगभग सभी स्कूल बर्बाद हो चुके हैं और अस्पतालों समेत स्वास्थ्य व्यवस्था को भी भारी नुकसान पहुंचा है, जिससे गर्भवती महिलाओं और नवजात बच्चों की मुश्किलें काफी बढ़ गई हैं।
कांग्रेस नेता ने कहा कि कई वेस्टर्न कंट्री ने फिलिस्तीनी राष्ट्र को मान्यता दी है। कई देशों ने इजराइल के साथ अपने संबंधों की समीक्षा की है। साथ ही अंतरराष्ट्रीय मंचों पर इजराइल की कार्रवाई को लेकर गंभीर सवाल उठाए जा रहे हैंं। लेकिन भारत इस मुद्दे पर चुप्पी साधे हुए है। उन्होंने आरोप लगाया कि मोदी सरकार ने न्यायमूर्ति ;सेवानिवृत्त. एस. मुरलीधर की अध्यक्षता वाले आयोग की रिपोर्ट पर कोई प्रतिक्रिया नहीं दी है।

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