“तारातला कांड में आपको बख्शा नहीं जाएगा” — पूर्व मंत्री फिरहाद हकीम पर बरसीं मंत्री अग्निमित्रा पॉल, कहा- सीधे ऊपर तक जुड़े हैं तार
अजित प्रसाद/कोलकाता :तारातला में एक निर्माणाधीन गोदाम (गोडाउन) की छत गिरने से 15 लोगों की मौत और 18 अन्य के घायल होने के मामले में राज्य की राजनीति पूरी तरह गरमा गई है। इस हादसे के सिलसिले में पूर्व मंत्री फिरहाद हकीम के ओएसडी (OSD) कालीचरण बनर्जी की गिरफ्तारी के बाद अब राज्य की वर्तमान शहरी विकास एवं नगर नियोजन मंत्री अग्निमित्रा पॉल ने सीधे फिरहाद हकीम पर निशाना साधा है। उन्होंने साफ लहजे में चेतावनी दी है कि इस जघन्य लापरवाही और भ्रष्टाचार के मामले में किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा, चाहे उसका पद कितना भी बड़ा क्यों न हो।”अगर ओएसडी गिरफ्तार हो सकता है, तो हस्ताक्षर करने वाले मंत्री क्यों नहीं?”मंत्री का कड़ा रुख: पत्रकारों से बातचीत करते हुए मंत्री अग्निमित्रा पॉल ने कहा, “तारातला के उस अवैध और कमजोर निर्माण के पीछे कालीचरण बनर्जी ही आखिरी फैसला लेता था। अगर भ्रष्टाचार और लापरवाही के आरोप में ओएसडी को गिरफ्तार किया जा सकता है, तो फिर उस विभाग के तत्कालीन मंत्री (फिरहाद हकीम) को क्यों नहीं पकड़ा जाना चाहिए, जिनके आधिकारिक हस्ताक्षर से सब कुछ पास होता था? इस हादसे में जिन्होंने अपनी जान गंवाई है, उन्हें न्याय दिलाने के लिए हर जिम्मेदार व्यक्ति पर कार्रवाई होगी।””यह पिछली सरकार की SIT नहीं, निष्पक्ष जांच होगी”अग्निमित्रा पॉल ने जांच की विश्वसनीयता पर उठ रहे सवालों का जवाब देते हुए कहा कि इस पूरे मामले की गहराई से जांच के लिए एक विशेष जांच दल (SIT) का गठन किया जा चुका है। उन्होंने विपक्ष पर कटाक्ष करते हुए कहा, “यह सीट (SIT) कोई पुरानी सरकार की कठपुतली एसआईटी नहीं है जो मामलों को रफा-दफा कर दे। आप बहुत जल्द देखेंगे कि वर्तमान सरकार की यह एसआईटी किस तरह पूरी निष्पक्षता और तत्परता से काम कर रही है।”कैमैक स्ट्रीट और अभिषेक बनर्जी पर भी साधा निशानाकालीचरण बनर्जी के ‘कैमैक स्ट्रीट’ (टीएमसी के शीर्ष नेतृत्व के कार्यालय क्षेत्र) से कनेक्शन के सवाल पर मंत्री ने बेहद आक्रामक रुख अपनाते हुए कहा:कड़ी कार्रवाई की मांग: “कैमैक स्ट्रीट से चाहे आईपैक (I-PAC) के मुखिया के तार जुड़े हों या फिर खुद अभिषेक बनर्जी के, जिसकी भी संलिप्तता सामने आएगी, उसे कानून के शिकंजे में कसकर घसीटते हुए सलाखों के पीछे लाया जाएगा।”दबंगई का होगा अंत: उन्होंने पूर्ववर्ती सरकार पर निशाना साधते हुए कहा, “पिछले 15 वर्षों से सत्ता के नशे में चूर लोग पाड़े (मोहल्लों) के मोड़ों पर खड़े होकर बंगाल की आम जनता को धमकियां देते आए हैं। गाड़ियों के बोनट पर खड़े होकर डीजे बजाने की बातें की जाती थीं, लेकिन असली ‘डीजे बजाना’ किसे कहते हैं (कानून का राज क्या होता है), यह अब शुभेंदु अधिकारी की सरकार दिखाएगी।”तारातला हादसे के बाद वर्तमान नगर विकास मंत्री के इस कड़े बयान से साफ है कि आने वाले दिनों में प्रशासनिक और राजनीतिक स्तर पर बड़ी कार्रवाई देखने को मिल सकती है।



