कानपुर जोन में शासन के इरादे पर हर दृष्टिकोण से खरा एडीजी आलोक सिंह का कर्तव्य पथ
सुनील बाजपेई
कानपुर। आतंकियों द्वारा दिल्ली में किए गए ब्लास्ट के बाद यहां कानपुर जोन पुलिस लगातार सतर्क है। वह ए डीजी आलोक सिंह की कुशलतम अगुवाई में हर क्षेत्र में पैनी नजर के साथ ही अपराध/कानून-व्यवस्था, हत्या शीर्षक अन्तर्गत अनावरण हेतु शेष अभियोग,जब्तीकरण की कार्यवाही,अवैध खनन एवं परिवहन,साइबर क्राइम, यू0पी0-112 में प्राप्त शिकायतों पर कृत कार्यवाही ,वाहन/संदिग्ध व्यक्तियों की चेकिंग तथा निरंतर पैदल गस्त अभियान भी लगातार जारी किए हुए हैं।
मतलब मामला चाहे घटनाओं के सटीक खुलासे और अपराधियों की गिरफ्तारी का हो या फिर जन समस्याओं के निस्तारण से संबंधित आईजीआरएस का। यहां की चुनौती पूर्ण कानपुर जोन के अंतर्गत आने वाले आठ जिले कानपुर देहात, इटावा, औरैया, कन्नौज, फतेहगढ़ , जालौन ,ललितपुर और झांसी अपराधियों के खिलाफ कानून और शांति व्यवस्था के पक्ष में हर दृष्टिकोण से अव्वल भी चल रही है। याद रहे कि आजकल एडीजी के रूप में कानपुर जोन की कमान योगी सरकार की मंशा के अनुरूप अपराधियों के खिलाफ प्रभावी कार्रवाई और पीड़ितों की सहायता में भी सदैव अव्वल राष्ट्रपति तक के गोल्ड और प्लेटिनम समेत सभी तरह के मेडलों और पुरस्कारों के रुप में अनेक दुर्लभ उपलब्धियों के प्रसंसनीय धारक नोएडा के पहले सफल और सर्वोत्तम पुलिस कमिश्नर भी रहे भारत के कर्तव्यनिष्ठ और इमानदार आईपीएस अधिकारियों में से एक वरिष्ठ आई पी एस आलोक सिंह के हाथ में है।
सराहनीय और अनुकरणीय कार्यशैली वाले व्यवहार कुशलता के भी धनी, शिवत्व स्वभाव वाले सुप्रसिद्ध वरिष्ठ आईपीएस एडीजी आलोक सिंह का अबतक का जुझारू इतिहास यह साबित करता है कि उनकी कर्तव्य के प्रति प्रगाढ़ निष्ठा हर छोटी से छोटी घटना को भी बहुत गम्भीरता से लेकर पूरी निष्पक्षता और पारदर्शिता के साथ दोषियों के खिलाफ प्रभावी कार्रवाही और पीड़ितों की सहायता में भी सदैव अग्रणी रही है।
इस बारे में खास बात यह भी कि कर्तव्य के प्रति प्रगाढ़ निष्ठा वाले तेज तर्रार और व्यवहार कुशल एडीजी आलोक सिंह के पास आने वाला कोई भी पीड़ित निराश नहीं लौटता। प्रभावी कार्रवाई के रूप में उसकी समस्या का निदान होकर ही रहता है।
कुल मिलाकर अपनी नेतृत्व कुशलता के फलस्वरूप यूपी शासन द्वारा संचालित जनसुनवाई समन्वय शिकायत निवारण प्रणाली (आई जी आर एस) में भी कानपुर जोन को लगातार अव्वल रखने वाले
भगवान और भाग्य यानी कर्म भरोसे रहने वाले जुझारू एडीजी आलोक सिंह की नेतृत्व कुशलता योगी सरकार की मंशा के अनुरूप जनहित में हर दृष्टिकोण से सफल है।
इसके बारे में आध्यात्मिक दृष्टिकोण के मुताबिक इस संसार में लोगों की सहायता करने के लिए परमेश्वर शंख, चक्र और गदा लेकर नहीं आता है। वह किसी ना किसी महामानव को ही अपना माध्यम बनता है।मतलब इस कथन का आईपीएस आलोक सिंह जैसे ही कर्मयोगियों से ही नाता है। मतलब जनहित में विशुद्ध ईमानदारी का नाम आलोक सिंह है। दबाव में नहीं झुकने वाली निडरता का नाम भी आलोक सिंह है। पीड़ितों की हर संभव सहायता का नाम आलोक सिंह है। अपराधियों के उनके कर्मों का फल देने की कर्तव्य निष्ठा का नाम आलोक सिंह है। वही आलोक जो प्रकाश का भी पर्याय है और वही प्रकाश जिसके दायरे में आने वाला कोई अपराधी बच नहीं पाता है, क्योंकि परमेश्वर देश, कालखंड और परिस्थितियों के अनुरूप योगी ,मोदी ही नहीं बल्कि आईपीएस आलोक सिंह भी बन जाता है।



