मालदा में फिर गोलियों की बौछार, आतंक में लोग ,पुलिस की भूमिका पर सवाल
मालदा (पश्चिम बंगाल) : पश्चिम बंगाल के मालदा जिले में एक बार फिर गोलीबारी से हड़कंप मच गया। बुधवार शाम को जिले के मोझमपुर में बेखौफ गोलीबारी से पल भर में पूरा इलाका सुनसान हो गया । पिछले चार दिनों से एक के बाद एक हत्या, गोलीबारी और हमले की घटना से मालदा के कालियाचक में भारी आतंक देखा जा रहा है । स्थानीय लोगों ने बढ़ते अपराध को लेकर पुलिस की भूमिका पर सवाल खड़ा किया है ।
स्थानीय सूत्रों के मुताबिक, मोझमपुर के एक राशन डीलर के घर को निशाना बनाकर अपराधियों ने ने एक के बाद एक कई राउंड गोली चलाई। बिखरी हुई गोलियों में एक युवक घायल हो गया। अचानक गोलियों की आवाज़ सुनकर लोग घर-बार छोड़कर जान बचाने के लिए दौड़ पड़े। कुछ ही मिनटों में पूरा इलाका जैसा शांत हो गया।
घटना की खबर पाकर भारी पुलिस बल मौके पर पहुंच गया, लेकिन लोगों का गुस्सा कम नहीं हुआ। आक्रोशित लोगों का आरोप—
“पुलिस हमेशा घटना होने के बाद ही आती है, पहले से रोकथाम क्यों नहीं?”
लगातार बढ़ती आपराधिक घटनाओं के कारण पुलिस पेट्रोलिंग, निगरानी और खुफिया जानकारी—सबकुछ सवालों के कटघरे में है।
स्थानीय निवासियों का सीधा आरोप—
“कालयाचक में फिर से दानवों का राज लौट रहा है। इस बार पुलिस को सबसे कड़े कदम उठाने ही होंगे।”
पुलिस ने हमलावरों की पहचान, हमले के पीछे का कारण और पूरे गैंग की भूमिका की जांच शुरू कर दी है। इलाके में तनावपूर्ण परिस्थिति को देखते हुए सुरक्षा बढ़ा दी गई है।




