रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन जी दो दिन के राजकीय दौरे पर भारत पहुंचे, 2021 के बाद यह उनका पहला दौरा है।
रिपोर्ट : विनय चतुर्वेदी (विशेष संवाददाता )
नई दिल्ली, एयरपोर्ट पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी ने किया स्वागत।
उनका विमान दिल्ली के पालम एयरपोर्ट पर लैंड हुआ. पीएम नरेंद्र मोदी जी ने हाथ मिलाकर और गले लगकर पुतिन का स्वागत किया. इसके बाद दोनों नेता एक ही गाड़ी में रवाना हुए.
साल 2022 में यूक्रेन पर हमले के बाद यह पहली बार है कि रूसी राष्ट्रपति पुतिन जी भारत आए हैं.
उन्होंने 2023 में भारत में हुए जी20 शिखर सम्मेलन में भी हिस्सा नहीं लिया था. भारत और रूस के बीच पुराने और ख़ास संबंध रहे हैं और इसके तहत दोनों देशों के बीच वार्षिक शिखर सम्मेलन होती है.
इस सम्मेलन के तहत दोनों ही देशों के शीर्ष नेता बारी-बारी से एक-दूसरे के देश में मिलते हैं. इस तरह अब तक भारत-रूस के बीच 22 शिखर सम्मेलन हो चुके हैं.
इस बीच, दोनों देशों के नेताओं ने साल 2022 में पांच बार और 2023 में दो बार फ़ोन पर बात की. जुलाई 2024 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी मॉस्को भी गए थे.
भारत और रूस के बीच रक्षा, ऊर्जा और अन्य कारोबारी रिश्ते हैं. सरकारी आंकड़ों के मुताबिक़, साल 2024-25 में भारत-रूस द्विपक्षीय व्यापार 68.7 अरब अमेरिकी डॉलर के रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गया.
इस बार पुतिन जी भारत के दो दिन रहने वाले हैं। चार और पांच दिसंबर को पुतिन जी के कार्यक्रम का पूरा शेड्यूल जारी किया गया है।
4 दिसंबर को राष्ट्रपति पुतिन जी का कार्यक्रम
राष्ट्रपति पुतिन जी 4 दिसंबर की शाम में नई दिल्ली पहुंचेंगे। इसके बाद वह पीएम मोदी जी के साथ मुलाकात करेंगे। दोनों नेताओं के बीच द्विपक्षीय वार्ता होगी। इसके बाद पीएम मोदी जी के न्योते पर पुतिन निजी रात्रिभोज में शामिल होंगे।
पुतिन जी का 5 दिसंबर का कार्यक्रम
भारत दौरे के दूसरे दिन व्लादिमीर पुतिन जी का राष्ट्रपति भवन में औपचारिक स्वागत किया जाएगा। इसके बाद पुतिन जी राजघाट जाकर महात्मा गांधी जी को श्रद्धांजलि देंगे। इसके बाद वे हैदराबाद हाउस में द्विपक्षीय और प्रतिनिधिमंडल स्तर की बातचीत में शामिल होंगे। बता दें कि प्रतिनिधिमंडलों की बैठक में कुछ प्रमुख उद्योगपति भी शामिल हो सकते हैं।
शुक्रवार को पीएम मोदी जी और राष्ट्रपति पुतिन जी भारत-रूस बिजनेस फोरम में हिस्सा लेंगे। इसके बाद राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू जी के न्योते पर पुतिन जी राष्ट्रपति भवन में भोज में शामिल होंगे। इसके बाद राष्ट्रपति पुतिन जी मॉस्को के लिए रवाना होंगे।
अब चार साल बाद हो रही राष्ट्रपति पुतिन जी की इस यात्रा का मुख्य उद्देश्य भारत को रूसी तेल, मिसाइल सिस्टम और लड़ाकू विमानों की अधिक बिक्री के लिए तैयार करना है। खासतौर पर ऐसे समय में जब अमेरिका के दबाव के कारण ऊर्जा और रक्षा क्षेत्र में दोनों देशों के रिश्ते प्रभावित हुए हैं। इस बार पुतिन जी के साथ रूसी रक्षा मंत्री आंद्रेई बेलोउसॉव समेत उद्योग और कारोबारी जगत का बड़ा प्रतिनिधिमंडल होगा। विशेषज्ञों का मानना है कि यह यात्रा भारत-रूस के विशेष संबंधों को फिर से मजबूत करने का अवसर है और कुछ नए रक्षा सौदों की उम्मीद भी है।




