वेतन और काम के घंटों को लेकर कानपुर में शुरू श्रमिकों का आंदोलन : किया जमकर प्रदर्शन
सुनील बाजपेई
कानपुर। यहां शनिवार को भी अपनी मांगों को लेकर श्रमिकों ने जमकर प्रदर्शन किया। यहां हरी मजार के पास स्थित करम कॉरपोरेशन के सैकड़ों कर्मचारी अपनी मांगों को लेकर सड़क पर उतर आए। काम ठप करके कर्मचारियों ने फैक्ट्री मालिक के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। उनका आरोप है कि फैक्ट्री मालिक उन्हें तय मिनिमम वेतन भी नहीं दे रहे हैं। इतना ही नहीं एक शिफ्ट 8 घंटे की बजाए 12-12 घंटे की चल रही है।
मजदूरों का आरोप है कि विरोध करने पर कर्मचारियों को नौकरी से निकाल दिया जाता है। उन्हें सैलरी के नाम पर महज 7 से 8 हजार लेकर रुपये थमाए जा रहे हैं। प्रदर्शन में बड़ी संख्या में महिला कर्मचारी भी शामिल थी। कर्मचारियों ने साफ कहा है, कि जब तक उनकी मांगें पूरी नहीं होतीं, वे पीछे नहीं हटेंगे।
बताते चलें कि दादा नगर डी-14 में कैरिन इंटरनेशनल चमड़े के उत्पाद बनाने वाली फैक्ट्री है। यह मुख्य रूप से लेडीज़ हैंडबैग, चमड़े की बेल्ट और अन्य चमड़े के सामान के निर्माण और खुदरा बिक्री के लिए जानी जाती है। यहां कार्यरत कर्मचारियों की मानें तो उन्हें सरकार की ओर से तय मिनिमम वेतन भी नहीं दिया जा रहा है।
इसलिए आज शनिवार को कंपनी में कार्यरत 400 से ज्यादा कर्मचारियों ने काम ठप करके अपनी मांगों को लेकर सड़क पर उतर आए। उनका कहना है कि तय घंटे से ज्यादा काम, ओवर टाइम का एक्स्ट्रा भुगतान नहीं दिया जाता और रविवार को भी ड्यूटी कराई जाती है। कर्मचारियों का कहना है कि उनका आंदोलन कब तक चलेगा जब तक उनकी मांगे पूरी नहीं कर दी जाएंगी।



