तृणमूल कांग्रेस के ‘फायरब्रांड’ विधायक मदन मित्रा पर ईडी का शिकंजा

- सुवह से कई ठिकानो पर की जा रही छापामारी

 

,

 

अजित प्रसाद / सिलीगुड़ी:
बंगाल की राजनीति में अपने बेबाक और अक्सर विवादित बयानों के लिए पहचाने जाने वाले तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) के ‘फायरब्रांड’ विधायक मदन मित्रा एक बार फिर चर्चा के केंद्र में हैं।हालांकि, इस बार सुर्खियां उनके किसी बयान की नहीं, बल्कि उस कार्रवाई की हैं जिसने पूरे बंगाल में हलचल मचा दी है।मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, नगर निगम भर्ती घोटाले की जांच के सिलसिले में प्रवर्तन निदेशालय (ED) की टीम ने जब शनिवार सुबह उनके ठिकानों पर छापेमारी की, तो सामने आई स्थितियां देख अधिकारी भी दंग रह गए. मदन मित्रा की मुश्किलें बढ़ती दिख रही हैं और जांच एजेंसियां उनके कथित काले कारनामों की एक-एक परत उधेड़ने में जुटी हैं। आइए जानते हैं क्या है पूरी कहानी, लेकिन उससे पहले नजर डालते हैं भगवान राम पर दिए गए मदन मित्रा के उस विवादास्पद बयान और वायरल वीडियो पर जो देश में वायरल हुआ था।
श्रीराम पर बयान पर देश में हुआ था बवाल: मदन मित्रा का एक वीडियो पिछले साल सोशल मीडिया पर आग की तरह वायरल हुआ था, जिसमें उन्होंने भगवान श्रीराम को मुस्लिम बताकर हिंदू भावनाओं को बुरी तरह आहत किया था. उस बयान के बाद से ही वे भाजपा और आम जनता के निशाने पर थे. मदन मित्रा ने तब दावा किया था कि वह सिर्फ भाजपा की समझ को चुनौती दे रहे थे, लेकिन जनता ने इसे सीधे तौर पर आस्था पर हमला माना. राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि जो मदन मित्रा कल तक दूसरों को नसीहत दे रहे थे और हिंदू धर्म पर कटाक्ष कर रहे थे, आज वे खुद भ्रष्टाचार के दलदल में फंसकर कानूनी शिकंजे में आ गए हैं. बेड के नीचे से मिली नकदी ने यह साबित कर दिया है कि उनके बयानों की आड़ में सत्ता का कितना बड़ा और काला खेल चल रहा था. अब उनकी निजी और राजनीतिक जिंदगी में भूचाल आना तय माना जा रहा है।बेड के नीचे छिपा था काले धन का राज?
प्रवर्तन निदेशालय (ED) की टीम ने शनिवार की सुबह करीब 6 बजे ईडी की एक चार सदस्यीय टीम ने दक्षिणेश्वर स्थित मदन मित्रा के आवास पर छापेमारी की. केंद्रीय सुरक्षा बलों की मौजूदगी में हुई इस छापेमारी के दौरान ईडी अधिकारियों के होश उस समय उड़ गए जब उन्होंने मदन मित्रा के बेडरूम की तलाशी ली. सूत्रों के अनुसार उनके बिस्तर (बेड) के नीचे से भारी मात्रा में नकदी और कई ऐसे गोपनीय दस्तावेज बरामद हुए हैं, जो सीधे तौर पर नगर निगम भर्ती में हुई धांधली से जुड़े हो सकते हैं. यह बरामदगी न केवल मदन मित्रा के लिए, बल्कि पूरी टीएमसी के लिए एक बहुत बड़ा झटका मानी जा रही है. जांच एजेंसियां अब इस बात की बारीकी से पड़ताल कर रही हैं कि भ्रष्टाचार की यह मोटी रकम आखिर बेड के नीचे क्यों छिपाकर रखी गई थी।भवानीपुर से जोका तक ईडी की घेराबंदी
केवल दक्षिणेश्वर ही नहीं, बल्कि ईडी ने मदन मित्रा के भवानीपुर स्थित घर और जोका के एक पुराने फ्लैट को भी खंगाला. मदन मित्रा का भवानीपुर वाला घर धीरेंद्रनाथ घोष रोड पर स्थित है. जहां ईडी की टीम ने शनिवार सुबह पहुंचकर डेरा डाल दिया. इसके अलावा, जादूबूबा बाजार के ठीक सामने स्थित उनके पार्टी कार्यालय में भी सुबह 7:30 बजे ईडी ने छापेमारी की. खबर है कि दक्षिणेश्वर वाले आवास के नीचे एक स्थानीय व्यवसायी का दफ्तर है, जिस पर कथित तौर पर मदन मित्रा ने जबरन कब्जा जमा रखा था. ईडी अब इस मामले की भी बारीकी से जांच कर रही है ।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button