कानपुर में फांसी पर झूला बैक लगने से परेशान कर्वी चित्रकूट का बीए एम एस छात्र शैलेन्द्र

आईआईटी समेत कानपुर में पहले भी कई मेधावी छात्र कर चुके हैं आत्महत्या

 

सुनील बाजपेई
कानपुर। उच्च शिक्षा ग्रहण करने के दौरान असफलता के रूप में आने वाली परेशानियां .प्रतिभावान युवाओं को भी मौत को गले लगाने के लिए मजबूर कर रही हैं। ऐसी घटना में चित्रकूट जिले के कर्वी में रहने वाले बीएएमएस के छात्र ने यहां अपने कमरे में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। आज रविवार को पोस्टमार्टमकिए जाने के बाद उसके शव को परिवार वाले रोते बिलखते घर लेकर चले गए। वह अपने पेपर में बैक लगने से बहुत परेशान था और इसी वजह से उसने दुनिया को अलविदा कह दिया। बेटे की मौत से बदहवास पिता कानपुर नहीं आए।
पुलिस द्वारा सूचित किए जाने पर शनिवार देर शाम मृतक शैलेंद्र कुमार (27) के कानपुर पहुंचे परिजन बड़े भाई लालेंद्र, जीजा उमाशंकर, मामा शंकर गुप्ता, भांजा मनी गुप्ता और लालेंद्र के तीन दोस्त सबसे पहले मंधना स्थित शैलेंद्र के कमरे पहुंचे। इसके बाद उसके कॉलेज के दोस्तों से जानकारी ली।
इसबीच भाई लालेंद्र ने बताया कि 2020 से कोटा राजस्थान से नीट की तैयारी कर रहा शैलेंद्र 2019 से घर से बाहर रह रहा था। इसके बाद 2021 में उसे रामा आयुर्वेदिक इंस्टीट्यूट में दाखिला मिला था।
प्राइवेट हॉस्पिटल में जॉब करने वाले बड़े भाई ने बताया-सुसाइड से 30 मिनट पहले बहन और मेरी शैलेंद्र से बात हुई थी। बातचीत में ऐसा लगा ही नहीं कि वह सुसाइड कर लेगा। कुछ देर बाद घर में पुलिसवालों ने फांसी लगाई जाने की सूचना उसके परिवार को दी। जिसको सुनते ही परिवार में कोहराम मच गया और शैलेंद्र के पिता बदहवास हो गए।
घटना की संभावित वजह के बारे में जानकारी देते हुए
भाई ने बताया मेधावी छात्र शैलेंद्र बैक लगने के बाद वह परेशान था। वह मूल रूप से चित्रकूट कर्वी का रहने वाला था।
अवगत कराते चलें कि किसी मेधावी छात्र द्वारा आत्महत्या की यह घटना पहली नहीं है। इसके पहले भी इस महानगर में और भी कई छात्र इसी तरह से किसी ने किसी वजह से मौत को गले लगाने को मजबूर हो चुके हैं, जिसमें आईआईटी के छात्र द्वारा भी गत दिवस आत्महत्या किए जाने का प्रकरण चर्चा का विषय बना हुआ है। इस मामले की जांच पुलिस लगातार कर रही है

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