कौशिकी अमावस्या पर तारा पीठ में उमड़े साधु-संन्यासी, सिद्धि प्राप्ति के लिए हुआ महायज्ञ

 

भारत पोस्ट संवाददाता   तारापीठ, पश्चिम बंगाल : आज पवित्र कौशिकी अमावस्या के अवसर पर तारापीठ में विशेष आध्यात्मिक माहौल देखने को मिला। मान्यता है कि आज ही के दिन महान तांत्रिक साधक बामाक्ष्यापा को माँ तारा के साक्षात दर्शन प्राप्त हुए थे। इस विशेष तिथि पर देशभर से साधु-संन्यासी और तांत्रिक साधक सिद्धि प्राप्ति की कामना लेकर तारापीठ पहुंचे।

तारापीठ के श्मशान घाट से लेकर विभिन्न साधु अखाड़ों तक पूरे क्षेत्र में महायज्ञ, तांत्रिक साधना, और भस्म पूजा का आयोजन किया गया। जगह-जगह जप, ध्यान और हवन की गूंज सुनाई दी।

कई साधु मानते हैं कि कौशिकी अमावस्या की रात तंत्र-साधना के लिए सबसे शुभ होती है, और इसी कारण श्मशान भूमि में पूरी रात साधनाएं चलती हैं। इस दिन को “माँ तारा की विशेष कृपा प्राप्त करने का दिन” माना जाता है।

श्रद्धालु भक्तों की भीड़ भी सुबह से ही माँ तारा के दर्शन के लिए उमड़ पड़ी। मंदिर में विशेष पूजा-अर्चना और भोग का आयोजन हुआ। स्थानीय प्रशासन ने सुरक्षा व्यवस्था कड़ी की थी और मंदिर प्रबंधन ने दर्शन व्यवस्था को सुचारु बनाए रखने के लिए विशेष इंतजाम किए।

साधक बामाक्ष्यापा की साधना स्थली होने के कारण तारापीठ में यह दिन अत्यंत श्रद्धा और रहस्यमय तांत्रिक ऊर्जा से भरपूर माना जाता है। भक्तों का मानना है कि इस दिन की गई प्रार्थना और साधना विशेष फलदायक होती है।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button