ममता बनर्जी ने आज उत्तर बंगाल के मयनागुड़ी से अपने चुनावी अभियान का जोरदार आगाह

आलू किसानों के लिए मुआवजे का ऐलान

 

* मुख्यमंत्री ने ‘विकास’ को अपना मुख्य हथियार बनाया

अजित प्रसाद,
जलपाईगुड़ी/कोलकाता  : पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री और तृणमूल कांग्रेस सुप्रीमो ममता बनर्जी ने आज उत्तर बंगाल के मयनागुड़ी से अपने चुनावी अभियान का जोरदार आगाह किया। लगभग 25 मिनट के अपने संबोधन में मुख्यमंत्री ने ‘विकास’ को अपना मुख्य हथियार बनाया और केंद्र सरकार, भाजपा तथा चुनाव आयोग पर जमकर निशाना साधा।  हाल ही में हुई बेमौसम बारिश से नुकसान झेलने वाले आलू किसानों के लिए मुख्यमंत्री ने बड़ी घोषणा की। उन्होंने कहा कि प्रभावित किसानों को बीमा (Insurance) के माध्यम से उचित मुआवजा दिया जाएगा।

उन्होंने जोर देकर कहा कि केंद्र की योजनाएं केवल कुछ शर्तों के साथ मिलती हैं, जबकि राज्य की ‘लक्ष्मी भंडार’ योजना का लाभ सभी माताओं-बहनों को बिना किसी भेदभाव के जीवनभर मिलता रहेगा। उन्होंने ‘स्वास्थ्य साथी’ को पूरी तरह राज्य सरकार के खर्च पर चलने वाली जनहितैषी योजना बताया। ममता बनर्जी ने चुनाव आयोग को आड़े हाथों लेते हुए आरोप लगाया कि “आधी रात को सप्लीमेंट्री लिस्ट (पूरक सूची) जारी की जा रही है।” उन्होंने इसे संविधान का उल्लंघन और लोगों के मताधिकार को छीनने की कोशिश करार दिया। मुख्यमंत्री ने कड़ा संदेश देते हुए कहा, “जब तक मैं जीवित हूँ, बंगाल में NRC होने नहीं दूँगी और न ही कोई डिटेंशन कैंप बनने दूँगी।” उन्होंने चेतावनी दी कि बाहर से लोग लाकर चुनाव प्रभावित करने की कोशिश हो सकती है, जिसे बंगाल की माताएं-बहनें रोक देंगी। उन्होंने भाजपा को ‘एंटी-बंगाल’ बताते हुए कहा कि वे खाने-पीने और पहनावे पर भी पाबंदी लगाना चाहते हैं। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष सुकांत मजूमदार के कथित बयान पर पलटवार करते हुए उन्होंने कहा, “हमारे उम्मीदवार राममोहन राय को जिस पेड़ से बांधकर पीटने की बात कही गई है, वह पेड़ भी हमारा (बंगाल का) ही है।” “मैं केंद्रीय बलों का सम्मान करती हूँ, लेकिन असली ताकत ‘मैन पावर’ यानी जनता की ताकत है।” भाजपा नेताओं को ‘वसंत का कोकिल’ बताते हुए उन्होंने कहा कि वे केवल चुनाव के समय आते हैं और बाद में गायब हो जाते हैं, जबकि वे (ममता) बाढ़ और चक्रवात जैसी हर आपदा में जनता के साथ खड़ी रहती हैं। उन्होंने बढ़ती महंगाई और आधार कार्ड की जटिलताओं पर भी केंद्र को घेरा।मुख्यमंत्री के इस आक्रामक तेवर ने उत्तर बंगाल के चुनावी समीकरणों को पूरी तरह गरमा दिया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि वे सड़क से लेकर सुप्रीम कोर्ट तक जनता की लड़ाई लड़ने के लिए तैयार हैं।

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