सिलीगुड़ी में चुनाव के नतीजों से पहले मतुआ महासेना का शक्ति प्रदर्शन, नई सरकार के लिए रखीं कड़ी शर्तें
सिलीगुड़ी: पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के नतीजे आने में अभी कुछ समय शेष है, लेकिन उत्तर बंगाल की राजनीति में हलचल तेज हो गई है। आगामी संभावित सरकार को अपनी मांगों से अवगत कराने के लिए आज सिलीगुड़ी में ‘मतुआ महासेना’ के बैनर तले जोरदार विरोध प्रदर्शन किया गया। आंदोलनकारियों ने स्पष्ट किया कि जो भी दल सत्ता में आए, उसे उत्तर बंगाल के हितों की रक्षा करनी होगी।
*प्रमुख मांगें* : पृथक जिला और उप-मुख्यमंत्री पद
प्रदर्शनकारियों ने मुख्य रूप से दो बड़ी मांगें प्रशासन और भविष्य की सरकार के सामने रखी हैं:
*नए जिलों का गठन:* सिलीगुड़ी और इस्लामपुर को पूर्णतः अलग जिला घोषित करने की मांग।
*राजनीतिक प्रतिनिधित्व:* उत्तर बंगाल की उपेक्षा को समाप्त करने के लिए इस क्षेत्र से कम से कम एक उप-मुख्यमंत्री (Deputy CM) बनाने की मांग।
*आगामी आंदोलन की चेतावनी:*
अभी तक चुनाव परिणाम (जो ४ मई को आने हैं) घोषित नहीं हुए हैं, लेकिन मतुआ महासेना ने पहले ही सरकार को अल्टीमेटम दे दिया है। संगठन के नेताओं का कहना है कि यह केवल एक ‘अग्रिम संदेश’ है। उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि नई सरकार बनने के बाद उनकी मांगों पर विचार नहीं किया गया, तो आने वाले समय में पूरे उत्तर बंगाल में वृहद आंदोलन किया जाएगा।
*सुरक्षा और तनाव:*
प्रदर्शन के दौरान सिलीगुड़ी के मुख्य चौराहों पर भारी पुलिस बल तैनात रहा। आंदोलनकारियों ने नारेबाजी करते हुए कहा कि पिछले कई दशकों से उत्तर बंगाल के साथ प्रशासनिक भेदभाव हो रहा है, जिसे अब और बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
इस प्रदर्शन ने मतगणना से ठीक पहले राजनीतिक दलों के बीच नई चिंता पैदा कर दी है, क्योंकि मतुआ समुदाय का वोट बैंक उत्तर बंगाल की कई सीटों पर निर्णायक भूमिका निभाता है।



