मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी की पहली कैबिनेट में 5 अहम फैसले,
बंगाल में 'डबल इंजन' सरकार ने पकड़ी रफ्तार
कोलकोता:
बंगाल में नई बीजेपी सरकार ने पहली कैबिनेट बैठक में पांच बड़े फैसले लिए। शुभेंदु अधिकारी ने आयुष्मान भारत लागू करने, BNS लागू करने और BSF को सीमा क्षेत्रों की जमीन ट्रांसफर करने का ऐलान किया। साथ ही बीजेपी के उन 321 कार्यकर्ताओं के परिवारों की जिम्मेदारी लेने की बात कही, जिनकी मौत को पार्टी राजनीतिक हिंसा से जोड़ती रही है।पश्चिम बंगाल के नए मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने सोमवार को पहली कैबिनेट बैठक की. इसमें पांच बड़े फैसले किए गए। मीटिंग में शुभेंदु के साथ सभी पांच कैबिनेट मंत्री भी शामिल थे। मुख्यमंत्री ने कहा कि शासन, सुरक्षा और डबल इंजन सरकार का रोडमैप इस सरकार की प्राथमिकता होगी. पहली कैबिनेट बैठक में राज्य के मतदाताओं, चुनाव आयोग और इस विशाल चुनाव प्रक्रिया में शामिल सभी कर्मचारियों का धन्यवाद किया गया।
शुभेंदु सरकार के पहले पांच बड़े ऐलान:
आयुष्मान भारत योजना को लागू किया जाएगा। राज्य और केंद्र सरकार मिलकर राज्य में इसे लागू करने के लिए काम करेंगे। नियमों के मुताबिक, आईपीएस और आईएएस अधिकारियों को केंद्रीय प्रशिक्षण में भाग लेने की अनुमति दी जाएगी।आज से बीएनएस (भारतीय न्याय संहिता) लागू हो जाएगा। सीएम ने आरोप लगाया कि पिछली सरकार (ममता सरकार) ने संविधान का उल्लंघन करते हुए बीएनएस लागू नहीं किया था। आईपीसी और सीआरपीसी पर ही काम हो रहा था।बॉर्डर एरियाज में जमीन ट्रांसफर का काम आज से शुरू होगा। 45 दिनों के अंदर जमीन BSF को ट्रांसफर की जाएगी। बीजेपी के जिन 321 कार्यकर्ताओं ने बंगाल में जान गंवाई, उनके परिवारों की पूरी जिम्मेदारी सरकार लेगी। बता दें कि बीजेपी का ऐसा दावा है कि बंगाल में ममता सरकार के दौरान उसके 300 से ज्यादा कार्यकर्ताओं की राजनीतिक हिंसा में हत्या हुई। आयुष्मान भारत योजना से गरीब और कमजोर परिवारों को इलाज मिलता है।इसमें हर साल पांच लाख रुपये तक सालाना कवरेज मिलता है। ये इलाज कैशलेस होता है।कैबिनेट बैठक के बारे में और जानकारी देते हुए सीएम शुभेंदु ने कहा, ‘बंगाल के सीमावर्ती जिलों में लगातार बदलती जनसंख्या को देखते हुए, हमारे मंत्रिमंडल ने सीमा पर बाड़ लगाने के लिए बीएसएफ को आवश्यक भूमि सौंपने की प्रक्रिया शुरू करने की मंजूरी दे दी है। मुख्य सचिव और राज्य के भूमि एवं भू-राजस्व विभाग के सचिव को अगले 45 दिनों के भीतर भूमि हस्तांतरण की प्रक्रिया पूरी करने के लिए कहा गया है।अधिकारी ने आगे बताया कि टीएमसी सरकार ने संविधान और जनता के साथ विश्वासघात किया और जानबूझकर बंगाल में जनगणना प्रक्रिया को रोके रखा ताकि महिलाओं के लिए आरक्षण को रोका जा सके। लेकिन अब मंत्रिमंडल ने राज्य में परिपत्र को तत्काल प्रभाव से लागू करने की मंजूरी दे दी है। मुख्यमंत्री ने यह भी आरोप लगाया कि भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) मतलब नया आपराधिक कानून, जो पूर्ववर्ती आईपीसी और सीआरपीसी की जगह ले रहा है, राज्य में टीएमसी सरकार द्वारा आधिकारिक तौर पर लागू नहीं किया गया था और कहा कि पहली कैबिनेट बैठक में नए कानून को लागू करने की आधिकारिक मंजूरी दे दी गई है।




