कॉकरोच जनता पार्टी की डिजिटल लोकप्रियता

भारत पोस्ट न्यूज़ नई दिल्ली। जब बड़ी संख्या में लोग किसी व्यंग्यात्मक या मीम आधारित राजनीतिक पेज से जुड़ते हैं, तो इसका अर्थ होता है कि लोग पारंपरिक राजनीति से असंतुष्ट है।। और उन्हें लगता है कि उनकी समस्याएं नहीं सुनी जा रहीं। और वे गुस्से को हास्य, व्यंग्य और डिजिटल टेंड के रुप में व्यक्त कर रहे।
कॉकरोच जनता पार्टी जैसे व्यंग्यात्मक डिजिटल पेज को लाखों लाइक मिलना केवल इंटरनेट मजाक नहीं माना जा सकता। बल्कि यह कई गहरे सामाजिक-राजनीतिक संकेत देता है। खासकर युवाओं, मध्यम वर्ग और डिजिटल समाज की मानसिकता के बारे में। यही वजह है कि केंद्र-राज्यों में सत्तारुढ़ दलों और नागरिक प्रशासन को सावधान हो जाना चाहिए। अन्यथा उन्हें अगली जेन-जी क्रांति के साठड इफेक्ट्स का सामना करना पड़ सकता है।
बताया जाता है कि भारत के मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत की टिप्पनी अशोभनीय थी। जिससे अब खुद भी वो मुकर चुके है।, लेकिन उनकी उक्ति ने सत्ता प्रतिष्ठान की सोच को उजागर करके लोगों को भड़काने का काम किया है। और शायद विपक्षी दलों के हिमायती लोग और उनकी समर्थक युवा पीढ़ी इसी मौके की तलाश में थी, जो कॉकरोच जनता पार्टी जैसे व्यंग्यात्मक डिजिटल पेज के सृजन और एसको मिले लाखों लाइक से स्पष्ट होती है। इसे केवल इंटरनेट मजाक समझने की बजाय इए असंतोष की जड़ में जाना होगा।
जानकारों की मानें तो कई बार एल्गोरिझ, टेंडिंग संस्कुति, मनोरंजन और क्षणिक गुस्सा भी किसी पेज को वायरल बना देता है। इसलिए इसे पूर्ण राजनीतिक क्रांति का संकेत मानना जल्दबाती होगी। लेकिन इसे युवाओं की बेचैनी और व्यवस्था से असंतोष का महत्वपूर्ण डिजिटल संकेत जरुर माना जा सकता है। राजनीतिक रणनीतिकार प्रशांत किशोर का मानना है कि कॉकरोच जनता पार्टी कोई मान्यता प्राप्त दल नहीं है, न ही उसकी कोई घोषित नीति-सिद्धांत है। फिर भी पेज की लोकप्रियता विपक्षी नेताओं के मनोबल बढ़ाने में काफी है।

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