तीसरे विश्व युद्ध की आहट!

अमेरिका ने ईरान के रडार और ड्रोन ठिकानों को बमों से उड़ाया

विशेष प्रतिनिधि
नई दिल्ली। अमेरिका-इजायल और ईरान बीच युद्ध धीरे-धीरे तीसरे विश्व युद्ध की दहलीज पर पहुंच गया है। जिस तरह से युद्धविराम बढ़ाने की अवधि पर कोई समझौता सफल नहीं हो पा रहा है, से तीसरे विश्व युद्ध की आहट सुनाई देने लगी है। कुछ ऐसी ही पृष्ठभूमि बनती दिखाई दे रही है। मध्य पूर्व में कई हफ़्तों से लागू कमजोर युद्धविराम के बीच एक बार फिर बारूद की गूंज सुनाई दी है। अमेरिकी सेना ने सोमवार को जानकारी दी कि सप्ताहांत में ईरान द्वारा एक अमेरिकी श्एमक्यू.1 प्रीडेटरश् ड्रोन को मार गिराए जाने के जवाब में अमेरिकी लड़ाकू विमानों ने ईरान के रडार और ड्रोन नियंत्रण केंद्रों पर भारी बमबारी की है। इस हमले के बाद ईरान ने भी जवाबी सैन्य कार्रवाई की बात स्वीकार की है। वहीं,पड़ोसी देश कुवैत ने भी सोमवार तड़के खुद पर ड्रोन और मिसाइल हमले होने का दावा किया है, जिससे पूरे क्षेत्र में तनाव चरम पर पहुंच गया है। इस बीच कुवैत ने कहा कि उस पर ड्रोन एवं मिसाइल हमले किए गए जिन्हें उनके लक्ष्य तक पहुंचने से रोकने के लिए उसकी वायु रक्षा प्रणालियों ने कार्रवाई शुरू कर दी। ये हमले ईरान युद्ध में कई सप्ताह से लागू युद्धविराम की नाजुक स्थिति को दर्शाते हैं।
अमेरिकी और ईरानी अधिकारी इस युद्धविराम की अवधि को बढ़ाने के लिए समझौते पर बातचीत करने की कोशिश कर रहे हैं,लेकिन इसके बावजूद हमले लगातार जारी हैं। ईरान होर्मुज जलडमरूमध्य पर अपनी पकड़ बनाए हुए है जिससे वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति बाधित हुई है। कभी फारस की खाड़ी के इस संकरे मुहाने से तेल और प्राकृतिक गैस के वैश्विक कारोबार का पांचवां हिस्सा गुजरता था। इस बीच,  स्थिति लगातार औरमें लितानी नदी से आगे भी कब्जा कर लिया है, जबकि उग्रवादी समूह हिजबुल्ला इजराइल में ड्रोन हमले जारी रखे हुए है। अमेरिकी सेना की सेंट्रल कमांड ने कहा कि उसने शनिवार और रविवार को ईरान में गेरुक चिंताजनक हो रही है।
इजराइल ने लेबनान शहर और केशम द्वीप के आसपास हमले किए। सेंट्रल कमांड ने कहा, ष्ष्सीमित और सोच.समझकर किए गए ये हमले ईरान की आक्रामक कार्रवाइयों के जवाब में किए गए जिनमें अंतरराष्ट्रीय जलक्षेत्र के ऊपर उड़ान भर रहे ष्अमेरिकी एमक्यू.1ष् ड्रोन को मार गिराना शामिल है।
उसने कहा, ष्ष्अमेरिकी लड़ाकू विमानों ने त्वरित कार्रवाई करते हुए ईरानी वायु रक्षा प्रणालियों, एक जमीनी नियंत्रण केंद्र और दो ऐसे ड्रोन को नष्ट कर दिया जो क्षेत्रीय जलक्षेत्र से गुजर रहे पोतों के लिए स्पष्ट खतरा पैदा कर रहे थे। MQ- प्रीडेटर ड्रोन को अमेरिकी वायुसेना सेवा से हटा चुकी है और अब वह ष्एमक्यू.9 रीपरष् ड्रोन का इस्तेमाल करती है लेकिन अमेरिकी थल सेना अब भी प्रीडेटर ड्रोन का उपयोग करती है।
अमेरिकी सेना ने कहा कि इन हमलों में कोई अमेरिकी सैनिक हताहत नहीं हुआ। इस बीच कुवैत ने कहा कि उसकी वायु रक्षा प्रणालियों ने ड्रोन और मिसाइल हमलों को रोकने के लिए सोमवार तड़के कार्रवाई शुरू कर दी। ईरान के सरकारी समाचार एजेंसी आईआरएनए की खबर के अनुसारए ईरानी अर्द्धसैन्य बल ष्रिवोल्यूशनरी गार्डष् ने एक बयान में बताया कि अमेरिकी बलों ने एक द्वीप पर दूरसंचार टावर को निशाना बनाया। ष्रिवोल्यूशनरी गार्डष् ने कहा कि उसने जवाबी हमला किया लेकिन यह नहीं बताया कि हमला कहां किया गया।
इससे पहले, अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अपने सलाहकारों से शुक्रवार को मुलाकात की थी लेकिन उन्होंने अभी यह तय नहीं किया है कि युद्धविराम की अवधि बढ़ाने और जलडमरूमध्य को फिर से खोलने के समझौते पर आगे बढ़ना है या नहीं। ईरान ने कहा है कि समझौते को अभी अंतिम रूप नहीं दिया गया है। ट्रंप ने सोमवार तड़के अपने ष्ट्रुथ सोशलष् मंच पर एक पोस्ट में लिखाए ष्ष्ईरान सचमुच समझौता करना चाहता है और यह अमेरिका एवं हमारे साथ खड़े देशों के लिए अच्छा समझौता होगा।

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