प्राचीन प्रंबानन मंदिर पहुंचे पीएम मोदी मंदिर के जीर्णोद्धार में मदद करेगा भारत
विशेष प्रतिनिधि
योग्याकार्ता। यूनेस्को के इस विश्व धरोहर स्थल पर पहुंचने से ठीक पहले प्रधानमंत्री मोदी ने अपने हेलीकॉप्टर से मंदिर का एक बेहद खूबसूरत नजारा सोशल मीडिया पर साझा किया। उन्होंने पोस्ट में लिखा शानदार प्रंबानन मंदिर. भारत, योग्याकार्ता स्थित यूनेस्को विश्व धरोहर स्थल प्रंबानन मंदिर परिसर. के संरक्षण और जीर्णोद्धार में इंडोनेशिया की मदद करेगा।
योग्याकार्ता के प्रम्बानन मंदिर में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा, यह मेरा सौभाग्य है कि मुझे हमेशा भगवान शिव से जुड़ने का मौका मिलता है। मेरा जन्म वडनगर में हुआ था। जहां हटकेश्वर महादेव स्थित हैं। सोमनाथ ज्योतिर्लिंग पहला ज्योतिर्लिंग है और यह गुजरात में है। इसके विकास की सीधी जिम्मेदारी मुझ पर है। मेरी राजनीतिक सीट काशी ;वाराणसी में काशी विश्वनाथ महादेव हैं, जिनका आशीर्वाद मुझे हमेशा मिलता रहा है। चाहे केदारनाथ का पुनर्विकास हो या उज्जैन महाकाल का, या फिर यहां का मेरा दौरा मुझे यहां जीर्णोद्धार कार्य शुरू करने का अवसर मिला। मैं इसे बहुत बड़ा सौभाग्य मानता हूं।
प्रधानमंत्री मोदी की इस यात्रा ने प्रंबानन मंदिर परिसर में भारत समर्थित संरक्षण और जीर्णोद्धार पहल की आधिकारिक शुरुआत कर दी है। इससे पहले मंगलवार को पीएम मोदी और राष्ट्रपति प्रबोवो के बीच एक उच्च स्तरीय द्विपक्षीय बैठक हुई थी। जिसमें दोनों नेताओं ने संरक्षण परियोजना के लिए आशय पत्र का आदान.प्रदान किया। इसके साथ ही दोनों देशों ने हिंद.प्रशांत क्षेत्र में शांति, स्थिरता और समृद्धि को बढ़ावा देने के लिए अपनी व्यापक रणनीतिक साझेदारी को और मजबूत करने का संकल्प लिया।
इंडोनेशिया के जावा द्वीप पर स्थित प्रंबानन परिसर देश का सबसे बड़ा और कंबोडिया के अंगकोर वाट के बाद पूरे दक्षिण पूर्व एशिया का दूसरा सबसे बड़ा हिंदू मंदिर है। लगभग 40 हेक्टेयर में फैले इस विशाल परिसर में मूल रूप से 240 मंदिर थे, जो भारत और इंडोनेशिया के सदियों पुराने सांस्कृतिक व सभ्यतागत संबंधों की गवाही देते हैं।



