बैलिस्टिक मिसाइलों का तीन सफल परीक्षण

-भारत की रक्षा प्रणाली में साबित होगा मील का पत्थर

हरप्रीत भट्टी,
नई दिल्ली। भारत ने रक्षा क्षेत्र में एक और ऐतिहासिक और अभूतपूर्व उपलब्धि हासिल की है। रक्षा मंत्रालय ने शनिवार को घोषणा की कि भारत दुनिया के उन चुनिंदा महाशक्तियों के विशिष्ट समूह में शामिल हो गया है, जिनके पास लंबी दूरी की बैलिस्टिक मिसाइलों और एंटी.शिप खतरों को हवा में ही नेस्तनाबूद करने की अचूक मल्टी.लेयर्ड ;कई स्तरों वालीद्ध सुरक्षा प्रणाली है। भारत ने महज दो दिनों के भीतर लगातार तीन सफल उड़ान परीक्षण कर अपनी इस आसमानी दीवार की ताकत को दुनिया के सामने प्रदर्शित किया है।
वरिष्ठ रक्षा अधिकारियों और रक्षा अनुसंधान और विकास संगठन के अधिकारियों की मौजूदगी में 10 और 11 जून को किए गए इन परीक्षणों की सफलता भारत की रक्षा क्षमताओं को और मज़बूत करेगी, क्योंकि अब देश के पास मल्टी.लेयर्ड बैलिस्टिक मिसाइल डिफेंस क्षमता है। भारत ने अपनी नौसेना की एंटी.शिप मिसाइल.मीडियम रेंज का भी सफलतापूर्वक परीक्षण किया है।
रिपोर्ट्स के अनुसारए परीक्षण की गई दो इंटरसेप्टर मिसाइलों को इंटरमीडिएट.रेंज बैलिस्टिक मिसाइल की श्रेणी में रखा गया है, जिनकी रेंज 2,000 से 5,000 किलोमीटर के बीच है। हालांकि सरकार ने इनके बारे में ज़्यादा जानकारी नहीं दी है, लेकिन रिपोर्ट्स बताती हैं कि ये दोनों एक्सो.एटमॉस्फेरिक और एडो.एटमॉस्फेरिक हैं जिसका मतलब है कि ये पृथ्वी के वायुमंडल के अंदर और बाहर दोनों जगह काम कर सकती हैं।
हाल ही में भारत ने अपनी बैलिस्टिक मिसाइल डिफेंस और क्षमताओं को मज़बूत करने पर काफी ध्यान दिया है। खबरों के मुताबिक भारत अग्नि.6 पर काम कर रहा हैए जो उसकी अगली पीढ़ी की इंटरकॉन्टिनेंटल बैलिस्टिक मिसाइलों का हिस्सा होगी और दुनिया के सबसे एडवांस्ड डिफेंस सिस्टम को भी चकमा देने में सक्षम होगी। रिपोर्ट्स बताती हैं कि अग्नि.6 की रेंज 5,000 किलोमीटर से ज़्यादा होने की संभावना है।
भारत का ध्यान अपनी बैलिस्टिक मिसाइल डिफेंस और क्षमताओं को मज़बूत करने पर हैए वहीं पाकिस्तान भी परीक्षण कर रहा है? रिपोर्ट्स के अनुसारए पाकिस्तान ने अपने बैलिस्टिक मिसाइल प्रोग्राम पर काम तेज़ कर दिया है। फिलहाल, पाकिस्तान के पास ज़्यादातर कम और मध्यम दूरी की बैलिस्टिक मिसाइलें हैं, जैसे अब्दालीए गजनवी, शाहीन आदि।

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