नेपाल ने बंद किया भारत से आम का आयात
-उत्तर प्रदेश के किसानों की जेब पर पड़ेगी सीधी चोट
-आम उत्पादकों को करोड़ों के नुकसान की आशंका
भारत पोस्ट संवाददाता
लखनऊ। नेपाल ने अचानक भारत से आम के आयात के नियमों में बदलाव कर दिया है। इससे मंडियों में आम की कीमतों में भारी गिरावट होने की आशंका है। इसका सीधा असर उत्तर प्रदेश के किसानों की जेब पर पड़ेगा। क्योंकि उत्तर प्रदेश में सबसे ज्यादा आम की पैदावार होती है।
अभी हाल ही में जापान की ओर से भारतीय आम के आयात पर बैन के लगा दिया गया है और अब नेपाल ने भी भारत से बिना बातचीत के आम खरीदने की नियमों बदलाव कर दिया है। जिससे नेपाल में आम का निर्यात बंद हो गया है। इस मामले पर आम के किसानों ने कहना है कि इससे उनकों करोड़ों रुपये के नुकसान होने की आशंका है। किसानों ने बताया कि इस साल आम की फसल को तैयार करने में काफी लागत लगी हुई है। ऐसे में मुनाफे की बात तो दूर है सिर्फ पूंजी ही निकाल पाना मुश्किल लग रहा है।
नेपाल भारत से हर साल हजारों टन आम की खरीदारी करता है. भारतीय कृषि मंत्रालय के आंकड़ों के मुताबिक, भारत ने सिर्फ एक साल में नेपाल को 2000 मीट्रिक टन से अधिक आम आयात किए हैं। भारत ने इस साल ;जनवरी 2026 से जून. के बीच तक 149 खेपों के माध्यम से 2005 टन आम नेपाल भेजे हैं। इनमें दशहरी, चौसा. केसर. लंगड़ा, अल्फांसो और बंगनपल्ली जैसे कई किस्मों के आमों की भारी मात्रा में सप्लाई की जाती है।
नेपाल सरकार की ओर जारी से रिपोर्ट में बताया गया है कि भारतीय किसानों द्वारा आम की फसल के उत्पादन में कीटनाशक दवाओं का प्रयोग अधिक मात्रा में की जा रही है और नेपाल के सीमावर्ती क्षेत्रों में क्वारंटीन की असुविधा है। इसलिए वह आयात नियामों बदलाव कर रहा है। नए नियम के तहत अब भारत से खरीदे गए चीजों पर गर्म जल उपचार को जरूरी बनाया गया है। भारत ने नेपाल के इस फैसले पर चिंता जाहिर की है।


