महाराष्ट्र की सियासत में एक बार फिर भूचाल

सांसदों को ₹15.15 करोड़ का एडवांस : राउत

-पार्टी ने पाला बदलने के डर के बीच जारी किया व्हिप
विशेष संवाददाता
नई दिल्ली। महाराष्ट्र की सियासत में एक बार फिर आधी रात को ऐसा भूचाल आया है, जिसने शिवसेना के भीतर मचे आंतरिक घमासान को सड़क पर ला दिया है। शिवसेना के फायरब्रांड नेता और राज्यसभा सांसद संजय राउत के एक सनसनीखेज आरोप ने राज्य की राजनीति में नया तूफान खड़ा कर दिया है। राउत ने दावा किया है कि उद्धव गुट के सांसदों को पाला बदलकर एकनाथ शिंदे खेमे में जाने के लिए 15.15 करोड़ रुपये की एडवांस रकम देने की पेशकश की जा रही है। यह गंभीर आरोप ऐसे समय में लगाया गया है जब कयास तेज हैं कि उद्धव ठाकरे के 9 लोकसभा सांसदों में से 6 से 7 सांसद बागी रुख अख्तियार कर दिल्ली में डेरा डाले हुए हैं। यह दावा ऐसे समय में किया गया है जब अटकलें तेज हो गई हैं कि पार्टी के नौ लोकसभा सांसदों में से छह से सात सांसद अलग होकर महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाली सत्ताधारी शिवसेना में शामिल हो सकते हैं।
पार्टी में फूट की अटकलें खत्म न होने के कारण, शिवसेना ने एक व्हिप जारी कर अपने सभी सांसदों को नई दिल्ली में एक बैठक में शामिल होने का निर्देश दिया, ताकि उन मुद्दों पर चर्चा की जा सके जिन्हें सूत्रों ने ष्महत्वपूर्ण मुद्दे बताया है। पार्टी सूत्रों के मुताबिक, जो सांसद बैठक में शामिल नहीं होंगे, उन्हें अयोग्यता की कार्रवाई का सामना करना पड़ सकता है। यह कदम उसी रणनीति जैसा है जिसे पार्टी ने 2022 में एकनाथ शिंदे के नेतृत्व में हुई बगावत के दौरान अपनाया था, जब 39 विधायकों ने उद्धव ठाकरे के नेतृत्व के खिलाफ बगावत कर दी थी, जिससे महा विकास अघाड़ी सरकार गिर गई थी और अंततः शिवसेना में फूट पड़ गई थी।
सूत्रों ने बताया कि शिवसेना के छह से सात सांसद शिंदे के नेतृत्व वाली शिवसेना में शामिल होने के इच्छुक हैं, जिससे विपक्षी खेमे में चिंता बढ़ गई है। शिंदे खेमे के एक नेता ने दावा किया कि यह नाराजगी पार्टी के भीतर आदित्य ठाकरे की भूमिका के संभावित विस्तार से जुड़ी है। सूत्रों के मुताबिक, शिवसेना 19 जून को, जो अविभाजित शिवसेना का 60वां स्थापना दिवस है, आदित्य ठाकरे के बारे में कोई घोषणा करने पर विचार कर रही थी। नेता ने दावा किया कि कुछ सांसद उनके और आगे बढ़ने की संभावना से नाखुश थे। सूत्रों ने यह भी बताया कि एकनाथ शिंदे के मंगलवार देर रात नई दिल्ली पहुंचने की उम्मीद थी, जिससे संभावित राजनीतिक घटनाक्रम को लेकर अटकलें और तेज हो गईं।
मामले को और दिलचस्प बनाते हुएए शिवसेना नेता और महाराष्ट्र के परिवहन मंत्री प्रताप सरनाइक ने नाराज विधायकों और सांसदों के लिए दरवाजे खुले रखे। सरनाइक ने कहाए अगर सांसद और विधायक जैसे जन.प्रतिनिधियों को अपने नेतृत्व पर भरोसा नहीं है. अगर वे शिवसेना के संस्थापक बाल ठाकरे के आदर्शों में विश्वास करते हैं और एकनाथ शिंदे के नेतृत्व पर भरोसा करने को तैयार हैं, तो शिवसेना के दरवाजे उनके लिए खुले हैं।’ उन्होंने आगे कहा, अगर वे भविष्य में कभी ऐसा सोचते हैं, तो हम उन्हें प्राथमिकता देंगे।’ उनके ये बयान शिवसेना सांसद संजय देशमुख की नई दिल्ली में केंद्रीय मंत्री और शिवसेना नेता प्रतापराव जाधव से मुलाकात के एक दिन बाद आए। इससे पहले देशमुख ने पारिवारिक कारणों का हवाला देते हुए रविवार को मुंबई स्थित आवास पर उद्धव ठाकरे द्वारा बुलाई गई बैठक में हिस्सा नहीं लिया था। बाद में जाधव के साथ उनकी मुलाकात ने पार्टी बदलने की अटकलों को हवा दी।

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