अंतरराज्यीय ठग गिरोह के 3 सदस्य गिरफ्तार

-पौने 4 करोड़ की ठगी का खुलासा, दुबई कनेक्शन

भारत पोस्ट संवाददाता
गुरुग्राम। गुरुग्राम जिला पुलिस की क्राइम ब्रांच ने दिल्ली से संचालित हो रहे एक अंतरराज्यीय साइबर ठगी गिरोह का भंडाफोड़ किया है। पुलिस ने गिरोह के तीन शातिर सदस्यों को गिरफ्तार किया है। यह गिरोह दिल्ली के पॉश इलाके दिलशाद गार्डन में किराए का फ्लैट लेकर पूरे देश में ठगी का जाल चला रहा था।
आरोपियों की पहचान जनक ;उम्र.27 वर्षए शिक्षा.12वीं. निवासी त्रिवेणी अपार्टमेंट, विवेक विहार, दिल्ली, दिनेश कुमार ;उम्र.30 वर्ष, शिक्षा.12वीं. निवासी हनुमान चौक बावल जिला रेवाड़ी ;हरियाणा. और पवन कुमार ;उम्र.26 वर्ष, शिक्षा.12वीं. निवासी गांव भूथन खुर्द जिला फतेहाबाद ;हरियाणा. के रूप में हुई है।
पुलिस जांच में सामने आया है कि फतेहाबाद का रहने वाला पवन पूर्व में दुबई में रह चुका है। आशंका जताई जा रही है कि उसने वहीं से साइबर अपराध के अंतरराष्ट्रीय तौर.तरीके सीखे और भारत लौटकर गिरोह को खड़ा किया। क्राइम ब्रांच ने आरोपियों के ठिकाने पर छापेमारी कर भारी मात्रा में संदिग्ध सामग्री और गैजेट्स बरामद किए हैं।
आरोपियों ने गुरुग्राम के एक व्यक्ति से 2.53 करोड़ रुपए ठगे थे। पुलिस जांच में पता चला कि शिकायतकर्ता से ठगी गई राशि में से 15 लाख रुपए विभिन्न ट्रांजेक्शनों के माध्यम से एक बैंक खाता में ट्रांसफर कराए गए थे। यह बैंक खाता एक प्राइवेट लिमिटेड कंपनी के नाम है तथा इस खाते में चार मोबाइल नंबर पंजीकृत पाए गए।
तकनीकी विश्लेषण के दौरान पता चला कि पंजीकृत चार मोबाइल नंबरों में से एक मोबाइल नंबर दिल्ली के क्षेत्र में सक्रिय था। जिसके बाद साइबर पुलिस गुरुग्राम द्वारा आधुनिक तकनीकी संसाधनों एवं डिजिटल विश्लेषण की सहायता से आरोपियों को दिल्ली से गिरफ्तार किया गया।
प्रारंभिक पुलिस पूछताछ में सामने आया है कि आरोपी अपने अन्य साथियों के निर्देश पर विभिन्न बैंक खातों में प्राप्त ठगी की राशि को अन्य खातों में ट्रांसफर करने का कार्य करते थे। इसके बदले आरोपियों को 25 हजार रुपए सैलरी तथा ठगी गई राशि में से बोनस मिलता था। आरोपियों का संपर्क अन्य आरोपियों से टेलीग्राम के माध्यम से हुआ था तथा पिछले लगभग 06 महीने से साइबर ठगी की वारदातों में संलिप्त रहे हैं।
आरोपियों की कार्यप्रणाली बेहद शातिर थी। ये लोग सीधे.साधे लोगों को घर बैठे मोटी कमाई और सुरक्षित इन्वेस्टमेंट ;निवेश. का झांसा देते थे। इसके बाद निवेशकों को अपने जाल में फंसाकर ऑनलाइन पोर्टल पर साइन.अप करवाते थे। पोर्टल का डैशबोर्ड इस तरह डिजाइन किया गया था कि उसमें निवेशकों का पैसा और उस पर मिलने वाला मुनाफा ;रिटर्न. लगातार बढ़ता हुआ दिखाई देता था।
इस वर्चुअल मुनाफे को देखकर पीड़ित झांसे में आ जाते थे और अधिक रकम निवेश कर देते थे। हालांकिए जब कोई निवेशक अपनी रकम को श्विड्रॉश् ;निकासी. करने का प्रयास करताए तो पोर्टल उसे ब्लॉक कर देता था। इस तरह आरोपी सारा पैसा हड़प कर बैंक खातों को खाली कर देते थे।
शुरुआती पूछताछ में इस गिरोह के खिलाफ देश के अलग.अलग राज्यों में दर्ज 15 शिकायतों का खुलासा हुआ है। पुलिस को संदेह है कि जांच आगे बढ़ने पर ठगी का यह आंकड़ा और बढ़ सकता है। पुलिस अब इन आरोपियों के बैंक खातों और अन्य साथियों की तलाश में जुट गई है।

 

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